सेफ सीट के जरिए जातीय समीकरण को साधेगी बीजेपी

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क 

यूपी में राज्यसभा की एक सीट के लिए 24 अगस्त को होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने दावेदारों के नाम पर मंथन शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता बेनी प्रसाद वर्मा के निधन से खाली हुई सीट पर बीजेपी के विधायकों की संख्या बल को देखते हुए बीजेपी का सपा से यह सीट छीनना तय है। इसलिए इस सेफ सीट के लिए एक दर्जन लोग दावेदार हैं। इनमें से तीन नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।

बीजेपी ने इस सीट पर क्षेत्रीय व जातीय समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। इस सीट पर जीतने वाले प्रत्याशी का 2022 तक राज्यसभा का सदस्य रहेगा।  इस सीट के लिए नामांकन पत्र भरने की तारीख गुरुवार छह अगस्त से शुरू हो गई है। बीजेपी को नामांकन की आखिरी तिथि 13 अगस्त से पहले अपना प्रत्याशी तय कर लेना होगा। ऐसे में अगले हफ्ते की 11 या 12 अगस्त को भाजपा अपना प्रत्याशी तय कर सकती है।

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बीजेपी की ओर से जिन नामों की चर्चा है, उनमें लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी से भाजपा में अपने पुत्र नितिन अग्रवाल के साथ आए नरेश अग्रवाल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके साथ ही भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पार्टी के प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई का भी नाम सामने आ रहा है।

पिछले समय हुए राज्यसभा के उपचुनाव में डा. अरुण सिंह और सुधांशु त्रिवेदी बीजेपी की ओर से निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए थे। इसलिए ऐसी संभावना है कि जातीय समीकरणों के हिसाब से बीजेपी क्षत्रिय या ब्राह्मण  को शायद ही इस बार मैदान में उतारे।

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