डोनाल्ड ट्रंप ने इराक से क्यों कहा, “इसे चेतावनी नहीं, धमकी समझिए”

न्यूज़ डेस्क

आज नए साल का आगाज हुआ है लोग दुश्मनी भूलकर दोस्ती की तरफ हाथ बढ़ा रहे हैं। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तो ऐसा लग रहा है कि साल के पहले ही दिन रिश्ते और खराब होते दिखाई दे रहे हैं। नए साल के पहले ही दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी है।

दरअसल इराक के बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर हजारों ईरानी समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान दूतावास पर पत्थर फेंके गए, दीवार पर चढ़ने की कोशिश की। इसी के चलते अमरीकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी दी है और कहा है कि अगर अमेरिकी दूतावास के किसी सदस्य को कुछ भी हुआ तो ईरान को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

यह बात डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कही। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि इराक में स्थित अमेरिकी दूतावास अभी सुरक्षित है। हमारे कई लड़ाकू जवान शानदार तकनीक के साथ वहां पर मौजूद हैं। वह इराक के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का भी शुक्रिया करना चाहेंगे क्योंकि उन्होंने तुरंत एक्शन लिया।

उन्होंने लिखा कि अगर इस बीच किसी भी अमेरिकी दूतावास के सदस्य को चोट पहुंची या फिर किसी को कुछ हुआ तो बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसे चेतावनी नहीं, धमकी समझिए। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को हैप्पी न्यू ईयर भी विश कर दिया।

बता दें कि पिछले दिनों अमेरिका ने एक हवाई हमले में ईरान समर्थित एक गुट पर हमला किया था। इस हमले में करीब 25 लोगों की मौत हुई थी। अमेरिका का आरोप था कि इस गुट का अमेरिकी ठेकेदार की मौत के पीछे हाथ था। इसी के विरोध में इराक के बगदाद में ईरानी समर्थक अमेरिका के खिलाफ हल्ला बोल किए हुए थे।

सोमवार से शुरू हुआ ये प्रदर्शन लगातार जारी था। अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने टेंट लगाया हुआ है और वहां पर ही जमा हैं। इस बीच प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाबलों से झड़प हो गई थी। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस से गोले छोड़े थे।

Related Articles

Back to top button