यूपी के इन जिलों में हुए उग्र प्रदर्शन, DGP बोले- साजिश की आशंका

न्‍यूज डेस्‍क

नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में पूरा देश जल रहा है। मुसलमानों को इस नए कानून में शामिल न करने की बात को लेकर विपक्ष समेत आम जनता भी इस आंदोलन में हिस्‍सा ले रही है और शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रही है। इस बीच कई अराजक तत्‍व भी मौके का फायदा उठा कर हिंसा फैलाने की जुगत में लगे हैं। असम और दिल्‍ली में हुएं हिंसक प्रदर्शन के बाद अब इसकी आग उत्‍तर प्रदेश में तेजी से फैल रही है।

गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद आज गोरखपुर, सहारनपुर, कानपुर, फिरोजाबाद, हमीरपुर, संभल, बुलंदशहर, बहराइच, शामली, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, गोण्‍डा, कन्‍नौज, बिजनौर, एटा, भदोही और पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी उपद्रवियों ने जमकर हिंसा की।

फिरोजाबाद में प्रदर्शनकारियों ने 3 वाहनों को फूंक दिया तो वहीं सीएम योगी के कर्मस्‍थली रहा गोरखपुर में भी दंगाईयों ने जमकर पत्‍थरबाजी की। इस दौरान कई जगह से पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर आ रही है।

दूसरी ओर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने कहा है कि हिंसा के पीछे साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। इसमें कई बाहरी लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि हिंसा और आगजनी में बाराबंकी, बहराइच के अलावा पश्चिम बंगाल से भी लोग आए थे। डीजीपी ने कहा कि अब तक लखनऊ में करीब 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि संभल में 30 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। साथ ही कार्रवाई लगातार जारी है।

डीजीपी ने कहा कि शुक्रवार को जुमे की नमाज सकुशल निपटाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि संभल में समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से जानकारियां जुटाई जा रही हैं। साथ ही पश्चिम बंगाल कनेक्शन की भी जांच हो रही है। सिंह ने कहा कि लखनऊ हिंसा में बाहरी तत्व भी शामिल थे। इसमें बाराबंकी, बहराइच, पश्चिम बंगाल से भी आए लोगा। जाहिर है हिंसा में साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

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