महाराष्ट्र के सियासी नाटक के बीच ‘जज लोया केस’ का क्यों हो रहा जिक्र

जुबिली न्यूज़ डेस्क

महाराष्ट्र के सियासी हाईवोल्टेज ड्रामें की चर्चाओं के बीच ‘जज लोया केस’ का जिक्र किया जा रहा है। बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजीत पवार की मदद से सरकार बनाकर सबको चौंका दिया है। वहीं शरद पवार का कहना है कि ये एनसीपी का निर्णय नहीं है, अजीत पवार ने विधायकों को तोड़कर सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया है। फिलहाल अजित पवार को एनसीपी विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी गठबंधन की सरकार बनने की चर्चा चल रही थी। तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच फडणवीस दोबारा सीएम बन गए।

महाराष्ट्र की सियासत में हुए इतने बड़े उलटफेर को लेकर बयानबाज़ियों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि अजित पवार ने सरकार बनाने में बीजेपी का साथ इसलिए दिया क्योंकि वह अपने खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED)की जांच से बचना चाहते हैं। वहीं ये भी कहा जा रहा है कि बीजेपी हर कीमत पर सरकार इसलिए बनाना चाहती है क्योंकि सत्ता परिवर्तन पर उसके खिलाफ कई मामलों में जांच हो सकती है, जिसमें एक जज लोया का भी मामला है।

डॉक्टर आनंद राय ने ट्वीट कर लिखा, “महाराष्ट्र में अगर कांग्रेस, एनसीपी तथा शिवसेना की सरकार बन गई तो लोया केस खुल जायेगा इसी से अमित शाह बेहद डरे हुए हैं”।

बता दें कि, सोहराबुद्दीन कथित फर्जी मुठभेड़ मामले, जिसमें भाजपा प्रमुख अमित शाह और कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरोपी थे, की सुनवाई कर रहे लोया जज लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में हुई थी, जिसकी वजह दिल का दौरा पड़ना बताया गया था। ऐसा दावा किया जाता है कि जहर देने के कारण बीएच लोया की मृत्यु हुई थी। अब ऐसी चर्चा है कि इस केस के खुलने के डर से ही बीजेपी महाराष्ट्र में सरकार बनाने की जीतोड़ कोशिश कर रही है।

यह भी पढ़ें : पार्क में शारीरिक संबंध बनाते कपल CCTV में कैद

यह भी पढ़ें : कांग्रेस के 10 बड़े नेता 6 साल के लिए निष्कासित, ये है वजह

Related Articles

Back to top button