दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना हुआ दूभर

न्यूज डेस्क

सुप्रीम कोर्ट और सरकार के चेतावनी के बावजूद दीपावली के मौके पर लोगों ने पटाखे छोड़ने  में कंजूसी नहीं की। सारे नियमों को ताक पर रखते हुए देर रात तक पटाखे चलाए गए। इसका नतीजा यह हुआ कि दिवाली की रात दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। वहीं, दिल्ली में नगर निगम ने प्रदूषण रोकने के लिए फॉगिंग की। दिल्ली का आलम यह रहा कि दिवाली के दिन प्रदूषण बढ़ने  से धुंध छा गई। वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई। हवा और जहरीली हो गई। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, आरके पुरम, सत्यवती कॉलेज, पटपडग़ंज में एयर क्वालिटी इंडेक्स 999 पर पहुंच गया।

गौरतलब है कि रविवार को दिन में प्रदूषण का स्तर 313 पर पहुंच गया। जैसे ही दोपहर हुई तो एयर क्वालिटी इंडेक्स और भी खराब हो गया। दिल्ली में दोपहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 341 पर पहुंच गया। रात को करीब 11 बजे दिल्ली के लोधी रोड इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक 306 पहुंच गया।

इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच गई। हरियाणा के गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 पर पहुंच गया। जबकि नोएडा के सेक्टर -62 क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 356 को पार कर गया।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां भी उड़ती हुई दिखाई दीं। कोर्ट ने दिवाली पर पटाखा छोड़ने के लिए दो घंटे का समय दिया था, लेकिन लोगों ने दिए गए समय के अलावा भी पटाखे छोड़े।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) ने फॉगिंग की। निगम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय के रूप में लक्ष्मी नगर इलाके में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया।

लखनऊ भी इससे अछूता नहीं रहा। यहां भी लोगों ने देर रात तक पटाखे छोड़े। सुबह एयर इंडेक्स 311 था और देर रात इसमें इजाफा हुआ। फिलहाल लखनऊ के लोगों में पुलिस का कोई डर नहीं दिखा। यहां के लोग निडर होकर देर रात तक पटाखे छोड़े।

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