क्या मोदी नहीं चाहते दुनिया के सबसे बड़े घोटाले का हो खुलासा ?

जुबिली न्यूज़ डेस्क।

भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एनएसईएल और इंडिया बुल्स को दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला करार दिया है। स्वामी का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों में टीडीके और पीसी लाभार्थियों के रूप में शामिल है।

अगर नमो (पीएम मोदी) सेबी, वित्त और वाणिज्य मंत्रालय की अड़चनों को दूर कर दें, तो इसको मैं सामने ला सकता हूं।

एनएसईएल की सहायक कंपनी जीएसटीएन में थी, जब तक नमो ने मेरे आग्रह पर इसका राष्ट्रीयकरण नहीं किया था।

सुब्रमण्यम स्वामी के इस बयान के बाद एक नई बहस छिड़ गई है। कांग्रेस पार्टी के यूपी प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि स्वामी विद्वान हैं और उनके पास जानकारियों का भंडार है। लेकिन शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं चाहते कि दुनिया के सबसे बड़े घोटाले का खुलासा हो।

बता दे कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सुब्रमण्यम स्वामी राज्य सभा में कांग्रेस के ख़िलाफ़ काफ़ी आक्रामक रहे हैं। नेशनल हेरल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अदालत तक लाने वाले सुब्रमण्यम स्वामी अपने सार्वजनिक जीवन में कई वजहों से चर्चा में रहे हैं। स्वामी को कानून का जानकार भी माना जाता है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह दावा ऐसे समय किया है जब पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी। चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में हैं।

चिदंबरम की 14 दिनों की सीबीआई हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें गुरुवार को उच्च सुरक्षा वाले तिहाड़ जेल भेजा गया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कथित रूप से अपने बेटे कार्ति चिदंबरम के कहने पर आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितता के कारण केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय के जांच के घेरे में हैं।

चिदंबरम और उनके बेटे का नाम आईएनएक्स मीडिया के सह संस्थापकों पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने लिया था। ये फिलहाल मुंबई में इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं।

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