पीएम मोदी से बेखौफ होकर क्‍यों बात नहीं कर पाते बीजेपी नेता

न्‍यूज डेस्‍क

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि भारत को एक ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो प्रधानमंत्री से निडर होकर बोल सके। मुरली मनोहर जोशी ने मंगलवार को कहा कि भारत को एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो सिद्धांतों के आधार पर प्रधानमंत्री के साथ बहस कर सके और बिना किसी चिंता के विचार व्यक्त कर सके।

गौरतलब है कि मुरली मनोहर जोशी का ये बयान ऐसे समय आया है, जब पीएम नरेंद्र मोदी सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्‍वास के नारे के साथ अपना विजय रथ दौड़ा रहे हैं। मुरली मनोहर जोशी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता हैं, लेकिन उनकी उम्र की वजह से उन्‍हें पार्टी में हाशिए पर डाल दिया गया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर क्‍या वजह है कि मुरली मनोहर जैसे वरिष्‍ठ नेता पीएम मोदी से निडर होकर बात नहीं कर पाते।

मुरली मनोहर जोशी मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी की याद में आयोजित संस्मरण सभा को संबोधित कर रहे थे। दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता ने कहा कि भारत को ऐसे नेता की जरूरत है जो जब अपने विचार व्यक्त करे तो उसे ये चिंता न रहे कि उसके विचारों को सुनकर प्रधानमंत्री खुश होंगे या नहीं।

मुरली मनोहर जोशी ने कहा, “भारत को ऐसे नेता की जरूरत है जो पीएम से निडर होकर बात कर सके, प्रधानमंत्री से मुद्दों पर बेखौफ होकर तर्क कर सके और बिना डरे अपने विचार व्यक्त कर सके बिना इस बात की चिंता किए कि उनकी बातों को सुनकर प्रधानमंत्री खुश या नाराज होंगे।”

बता दें कि कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का निधन हैदराबाद में 28 जुलाई को हो गया था। जयपाल रेड्डी के साथ 1990 के दशक में अपने गुजरे दिनों को याद करते हुए जोशी ने कहा कि वे आखिरी समय तक अपने मुखर होकर अपने विचार प्रकट करते थे, उन्होंने हर स्तर पर, हर फोरम पर अपनी राय रखी, उन्होंने मुद्दों के साथ कभी समझौता नहीं किया।”

जयपाल रेड्डी की संस्मरण सभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी समेत कई दूसरे दलों के नेता पहुंचे।

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