बुंदेलखंड की अंशिका क्यों बनी एक दिन की थानेदार

न्यूज़ डेस्क। 

अंशिका नाम की नाबालिग लड़की हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की कक्षा 8 की छात्रा है। जिसको एक दिन का इंस्पेक्टर बनाया गया। दरअसल ऐसा करके पुलिस ने अपनी कार्यशैली के बारे में जागरूक किया है।

दरअसल जब पुलिस महिला जागरूकता कार्यक्रम के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंची तो लड़कियों ने पुलिस से शिकायत करने या थाने जाने में डर लगने की बात कही।

इस बात का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने स्कूल की सारी लड़कियों को थाने बुला लिया और अपनी कार्यशैली के बारे में बताया। साथ ही लड़कियों को जागरूक करते हुए बताया कि पुलिस आपकी दोस्त है।

थाना प्रभारी का कहना है कि इस पहल से महिलाओं के दिलों से पुलिस का खौफ खतम होगा। और महिलाएं या लड़कियां बे-झिझक होकर पुलिस से अपनी परेशानियां बता सकेंगी।

फ़िलहाल जरिया थाना प्रभारी और स्टाफ की इस पहल से क्षेत्र में एक सकारात्मक सन्देश पहुंचा है। जिसके परिणाम बहुत ही अच्छे हो सकते हैं। हालांकि इस तरह की पहल को पूरे सूबे में प्रचारित और प्रसारित करने की भी आवश्यकता है।

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