क्यों चर्चा में हैं आईजी सतीश गणेश

न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश पुलिस अक्सर अपने कार्य और व्यवहार की वजह से चर्चा में रहती है। कभी एफआईआर न लिखने की वजह से तो कभी अपराधियों के सामने नतमस्तक होने की वजह से सुर्खियों में रहने वाली यूपी पुलिस के एक अधिकारी की खूब चर्चा हो रही है।

आगरा क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षण (आईजी) सतीश गणेश शुक्रवार से चर्चा में है। दरअसल एटा का एक व्यक्ति उनकी कार्यशैली से इतना प्रभावित हुआ कि उसने आईजी को प्रशंसा पत्र के साथ इनाम के तौर पर 500 रुपए का चेक भेजा।

एटा के विजयपाल सिंह ने आगरा क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सतीश गणेश को एक लिफाफा भेजा था। जब आईजी गणेश ने जब इस लिफाफे को खोला तो उन्हें इसमें से एक प्रशंसा पत्र और इनाम के तौर पर 500 रुपये का चेक मिला।

विजयपाल ने अपने लेटर की हेडलाइन में ‘प्रशंसा प्रमाण पत्र’ लिखा था। लेटर में विजयपाल ने एक मामले का जिक्र करते हुए आईजी सतीश गणेश की कार्यशैली की तारीफ है।

इस मामले में आईजी गणेश खुद को सेना का कर्नल बताकर एक पुलिस स्टेशन में चोरी की एफआईआर लिखाने गए थे। आईजी सतीश गणेश ने पुलिस की प्रतिक्रिया देखने के लिए ऐसा किया था।

पत्र में लिखा है कि -महोदय, अक्सर देखा जाता है कि पुलिस गरीब और असहाय लोगों के मुकदमे नहीं लिखती है और गाली-गलौज करके थाने से भगा देती है। महोदय मैं आपकी कार्यशैली से बहुत ही खुश होकर 500 रुपये का चेक बतौर इनाम भेज रहा हूं।  इसके साथ ही विजयपाल ने लिखा है, ”अच्छे अधिकारी और कर्मचारियों की ईश्वर हमेशा मदद करते हैं। ”

इस बारे में आईजी सतीश गणेश की प्रतिक्रिया भी आई है। उन्होंने कहा कि अपने 23 साल के करियर में उन्हें कई मेडल, अवॉर्ड और सम्मान पत्र मिले लेकिन यह सबसे खास हैद्घ उन्होंने कहा कि यह एक पुलिस अधिकारी के लिए सबसे बड़ा और अनमोल तोहफा है जो उसे आम आदमी की तरफ से मिला।

इसके साथ ही आईजी ने कहा कि वह इस लेटर और चेक को बहुत संभाल कर रखेंगे क्योंकि यह जनता के लिए किए गए उनके काम का सम्मान है।

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