घाटी में पांच सौ से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को लिया गया हिरासत में

न्यूज डेस्क

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370 को अप्रभावी बनाए जाने के बाद से हालात तनावपूर्ण हैं। राज्य में धारा 144 लागू है। हर तरफ सुरक्षाबल नजर आ रहे हैं।

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत 500 से ज्यादा राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अस्थायी हिरासत केंद्र तथा बारामूला एवं गुरेज में अन्य ऐसे केंद्रों में करीब 560 कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखा गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला तथा पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को गुपकर रोड पर हरि निकास में हिरासत में रखा गया है।

क्या है स्थिति

अधिकारियों को मुताबिक घाटी में पाबंदियों के बीच नूरबाग इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं कुछ युवा कर्फ्यू को लेकर भ्रम की स्थिति की वजह से इलाके में जमा हो गए जिन्हें सीआरपीएफ ने भगा दिया।

उन्होंने बताया कि युवक अद्धसैनिक बलों से बचने के लिए झेलम नदी में कूद गया और डूब गया। इलाके में प्रदर्शन हुआ जो लाठीचार्ज के बाद खत्म हो गया जिसमें छह लोग जख्मी हुए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक कर्फ्यू घोषित नहीं किया गया है लेकिन प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 लागू की हुई है जिसके तहत एक इलाके में पांच लोग  इकट्ठा  नहीं हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि समूची घाटी से इस तरह के संघर्षों की रिपोर्ट हैं। संचार माध्यमों पर रोक की वजह से पूरा विवरण पता नहीं चला है।

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