लॉन्चिंग से पहले चंद्रयान-2 में किये गये ये अहम बदलाव

न्यूज डेस्क

पिछले दिनों तकनीकि खराबी के कारण रोका गया चंद्रयान-2 आज अपनी लॉन्चिंग के लिए तैयार है। इसके लिए इसरो ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इस बात की पुष्टि ISRO चीफ सिवन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चांद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने के लिए चंद्रयान-2 की 48 दिन की यात्रा शुरू हो जाएगी। करीब 16.23 मिनट बाद चंद्रयान-2 पृथ्वी से करीब 182 किमी की ऊंचाई पर जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट से अलग होकर पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाएगा। ISRO ने इस बार चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए कुछ अहम बदलाव किए हैं।

हुए ये अहम बदलाव

इसरो का पहला बदलाव में चंद्रयान 2 की यात्रा में किया है। ISRO ने चंद्रयान-2 की यात्रा में पहले की अपेक्षा छह दिन कम कर दिए हैं। इसे 54 दिन से घटाकर 48 दिन कर दिया गया है। देरी के बाद भी चंद्रयान-2 छह सितंबर को चांद के साउथ पोल पर लैड करेगा। दूसरे बदलाव में ISRO ने चंद्रयान-2 के लिए पृथ्वी के चारों तरफ अंडाकार चक्कर में बदलाव किया है, एपोजी में 60.4 किमी का अंतर आ गया है।

इसके साथ ही तीसरे बदलाव में ISRO ने पृथ्वी के ऑर्बिट में जाने का समय करीब एक मिनट बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा चौथे बदलाव में चंद्रयान-2 की वेलोसिटी में 1.12 मीटर प्रति सेकंड का इजाफा किया गया है।

पूरी हुई तैयारी

इसरो के चीफ ने बताया कि रविवार शाम 6:43 बजे से इसकी लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान में लिक्विड कोर स्टेज पर ईंधन भरने का काम पूरा हो गया है। 20 घंटे चलने वाली उल्टी गिनती के बाद सोमवार की दोपहर 02:43 बजे इस मिशन को लॉन्च किया जाएगा। भारत का दूसरा मून मिशन सोमवार श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च होगा।

बता दें कि इसरो चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पहले 15 जुलाई को कर रहा था लेकिन कुछ तकनीकी कमियां की वजह से रोक दिया गया था जिसे ठीक कर लिया गया है। सिवन ने कहा, ‘सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। लीकेज की वजह से पहली बार लॉन्चिंग टलने के बाद हमने इस बार सतर्कता बरती है। तैयारियों को पूरा करने में एक दिन से ज्यादा का वक्त लगा है। मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस बार ऐसी कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं होगी। चंद्रयान-2 आने वाले दिनों में 15 महत्वपूर्ण मिशन पर काम करेगा।’

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