आखिर माल्या से पैसे क्यों नहीं ले रही सरकार

न्यूज डेस्क

फरार शराब कारोबारी विजय माल्या कई बार ट्वीट कर सरकार से गुजारिश कर चुके हैं कि उनसे पैसे लेकर मामला खत्म करें। माल्या के बार-बार अपील के बाद भी सरकार उनकी नहीं सुन रही। जब माल्या पैसे देने को तैयार है तो सरकार पैसे लेकर मामला रफा-दफा क्यों नहीं कर रही? फिलहाल एक बार माल्या ने सरकार से फिर गुजारिश की है कि पैसे ले लो और मामला खत्म करो।

भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार माल्या को भारत लाने के लिए एजेंसियां पूरी कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिल पायी है। मार्च 2016 में माल्या लंदन भाग गया था। भारत छोड़े माल्या को तीन साल से अधिक समय हो गया लेकिन अब तक इस दिशा में कोई खास सफलता नहीं मिल पायी है।

2 जुलाई को लंदन की एक अदालत में माल्या से जुड़े मामले की सुनवाई हुई तो उसे फिर राहत मिल गई। राहत मिलने के बाद ट्विटर पर माल्या की तरफ से कई ट्वीट किया गया। ट्वीट में माल्या का दर्द एक बार फिर दिखा। वह जीवन में आगे बढऩा चाहता है। माल्या ने ट्वीट कर अपील करते हुए कहा कि वह तो पहले से ही कह रहे हैं कि पैसे ले लो और इसके साथ ही मामला खत्म कर सकते हैं।

 

विजय माल्या ने लिखा कि भगवान महान है, न्याय जरूर होता है। मैंने हमेशा कहा है कि मेरे ऊपर लगे आरोप गलत हैं। अब जब कोर्ट का फैसला आया है तो मैं एक बार फिर कहता हूं कि वह बैंकों के पैसा लौटाने के लिए तैयार हैं।

विजय माल्या ने लिखा कि पैसा ले लीजिए, सारा बैलेंस क्लियर कीजिए। मैं सभी कर्मचारियों के पैसे देना चाहता हूं और जिंदगी में आगे बढऩा चाहता हूं। इसके अलावा अपने ट्वीट में विजय माल्या ने सीबीआई पर भी गलत केस करने का आरोप लगाया।

 

इससे पहले भी माल्या उठा चुका है सवाल

14 फरवरी 2019 को माल्या ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘वाक्पटु वक्ता ‘ कहा है और पूछा है कि पीएम मेरा पैसा लौटाने का ऑफर स्वीकार करने के लिए बैंकों को निर्देश क्यों नहीं देते?

माल्या ने ट्वीट किया कर कहा था- ‘मैं आदरपूर्वक पूछना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मेरा पैसा लौटाने का ऑफर स्वीकार करने के लिए बैंकों को निर्देश क्यों नहीं देते? इसके बाद वह किंगफिशर को दिए गए लोन की पूरी वसूली के लिए कम से कम क्रेडिट का दावा कर सकते हैं’ ट्वीट में माल्या ने दावा किया था कि उसने कर्नाटक हाईकोर्ट के आगे भी मामले को सुलझाने के लिए ऑफर दिया था।

गौरतलब है कि मंगलवार को ही लंदन की हाईकोर्ट में विजय माल्या से जुड़े मामले में सुनवाई हुई थी। ब्रिटेन के गृह सचिव ने विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ माल्या ने अपील की थी। विजय माल्या की इसी अपील को अब अदालत ने स्वीकार कर लिया है।

माल्या अब उसे प्रत्यर्पित होने के खिलाफ याचिका को ऊपरी अदालत में ले जा सकता है। दिसंबर 2018 में लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने माल्या को भारत भेजने का फैसला सुनाया था।

Related Articles

Back to top button