डॉक्टरों के हड़ताल के बीच डा. कफील ने IMA से लगाई गुहार

न्यूज़ डेस्क।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल देशव्यापी हो गई है। डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान है। इस बीच डॉ कफील खान ने ट्वीट कर आईएमए पर सवाल खड़े कर दिए है।

अगस्त 2017 में यूपी के गोरखपुर में बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज में 60 से अधिक शिशुओं की मौत के बाद निलंबित किए गए डॉ. कफील खान ने ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि “उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद, योगी आदित्यनाथ न तो मेरे बकाया का भुगतान कर रहे हैं और न ही उनके निलंबन को रद्द कर रहे हैं।”

अपने ट्वीट में उन्होंने पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा और घटना के संबंध में राज्य सरकार की निष्क्रियता का विरोध कर रहे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से अपने पक्ष में आवाज उठाने का अनुरोध किया है।

उन्होंने आशुतोष टंडन, यूपी के स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित एक पत्र की एक प्रति संलग्न की है। उन्होंने लिखा है कि “मैं भी तुम्हारी बिरादरी से हूँ। मेरे पास भी खिलाने के लिए एक परिवार है।”

डॉ कफील के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया साइट पर “Dr. Kafeel” ट्रेंड कर रहा है। कई लोग उनके पक्ष में नजर आ रहे हैं तो कई लोग डॉ कफील को ट्रोल भी कर रहे हैं।

बता दें कि कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में 11 जून को मेडिकल स्टाफ से मारपीट हुई थी, इसी के बाद कई अस्पतालों के डॉक्टर 4 दिन से हड़ताल पर हैं। सीएम ममता बनर्जी ने डॉक्टरों को हड़ताल खत्म नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। ममता के इसी बयान पर बंगाल जूनियर डॉक्टर जॉइंट फोरम नाराज है और ममता के सामने छह शर्तें रखीं है। वहीं आईएमए ने 17 जून को देशभर में हड़ताल का आह्वान किया है। बंगाल में अब तक 300 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं।

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