क्‍या कांग्रेस नेताओं को राहुल पर नहीं है भरोसा

न्‍यूज डेस्‍क

संसद के सेंट्रल हॉल में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की बैठक में सोनिया गांधी को एक बार फिर संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। फिर से नेता चुने जाने पर सोनिया गांधी ने कांग्रेस को वोट करने वालों का धन्यवाद किया।

बता दें कि इससे पहले भी सोनिया गांधी ही कांग्रेस संसदीय दल की नेता थी। हालांकि, ऐसी चर्चा थी कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को सीपीपी का नेता बनाया जा सकता है। लेकिन सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए सीपीपी ने राहुल गांधी के बजाए सोनिया गांधी को अपना नेता चुना।

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया है। सोनिया गांधी की तरफ से उन्होंने बताया कि हम उन 12.13 करोड़ वोटरों का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया।

वहीं, राहुल गांधी ने अपने सांसदों से कहा कि हमे आक्रमक बने रहना है। उन्‍होंने कहा कि हमारे 52 सांसद इंच-इंच की लड़ाई लडे़ंंगे। साथ ही लोकसभा में कांग्रेस दल का नेता कौन होगा इसका फैसला सोनिया गांधी करेंगी। सूत्रों की माने तो केरल के एस सुरेश कांग्रेस के नेता हो सकते हैं।

बतात चले कि कांग्रेस के लिए मुश्किल यह है कि लोकसभा में उसके सिर्फ 52 सांसद हैं। विपक्ष का दर्जा पाने के लिए एक पार्टी के पास कम से कम 55 सांसद होने जरूरी हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के सिर्फ 44 संसद पहुंचे थे।

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