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	<title>योगी आदित्यनाथ Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<link>https://www.jubileepost.in/tag/योगी-आदित्यनाथ/</link>
	<description>News &#38; Information Portal</description>
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		<title>असम में चुनावी बिगुल: आज बारपेटा और बरछला में गरजेंगे योगी आदित्यनाथ</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/election-bugle-in-assam-yogi-adityanath-to-address-barpeta-and-barchala-today/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 05:25:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। योगी आदित्यनाथ आज असम में चुनाव प्रचार का आगाज़ करेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है, जिसके तहत वे राज्य में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली जनसभा बारपेटा विधानसभा क्षेत्र में दोपहर 12:50 बजे आयोजित होगी। इसके बाद वे बरछला विधानसभा क्षेत्र &#8230;]]></description>
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<h2 class="wp-block-heading"></h2>



<p>लखनऊ। योगी आदित्यनाथ आज असम में चुनाव प्रचार का आगाज़ करेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है, जिसके तहत वे राज्य में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।</p>



<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली जनसभा बारपेटा विधानसभा क्षेत्र में दोपहर 12:50 बजे आयोजित होगी। इसके बाद वे बरछला विधानसभा क्षेत्र में दोपहर 2:30 बजे दूसरी रैली को संबोधित करेंगे।</p>



<p>बीजेपी नेतृत्व को उम्मीद है कि योगी आदित्यनाथ की रैलियों से चुनावी माहौल में तेजी आएगी और पार्टी को जनसमर्थन मिलेगा। उनकी सभाओं को देखते हुए दोनों क्षेत्रों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UP भाजपा में  जारी है संगठन, मंत्रिमंडल विस्तार के लिए आंतरिक घमासान</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/internal-conflict-in-up-bjp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Utkarsh Sinha]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:45:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली पोस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज ब्यूरो उत्तर प्रदेश में भाजपा 2024 लोकसभा चुनावों के झटके के बाद लगातार संगठनात्मक पुनर्गठन और मंत्रिमंडल विस्तार की चुनौतियों से जूझ रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं में बढ़ता असंतोष और आंतरिक कलह एक ओर जहां चिंता का विषय बन गया है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी रणनीति के जरिए पार्टी में एकता और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color has-link-color has-medium-font-size wp-elements-ed94e94bd1d97161f34988c5de5fb000"><strong>जुबिली न्यूज ब्यूरो</strong></p>



<p>उत्तर प्रदेश में भाजपा 2024 लोकसभा चुनावों के झटके के बाद लगातार संगठनात्मक पुनर्गठन और मंत्रिमंडल विस्तार की चुनौतियों से जूझ रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं में बढ़ता असंतोष और आंतरिक कलह एक ओर जहां चिंता का विषय बन गया है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी रणनीति के जरिए पार्टी में एकता और अनुशासन बहाल करने की कोशिशें तेज कर रहे हैं। 2027 विधानसभा चुनावों से पहले यह घमासान भाजपा की जमीनी ताकत को प्रभावित कर सकता है।</p>



<p>प्रादेशिक संगठन में देरी के कारण पार्टी की रफ़्तार सुस्त पड़ रही है। ओबीसी चेहरा पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन जिलाध्यक्षों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जातीय-क्षेत्रीय संतुलन साधने में काफी विलंब हो रहा है। 98 जिलों में से अभी केवल 84 जिलाध्यक्षों की घोषणा हो पाई है। पूरा संगठनात्मक ढांचा 2026-27 के चुनावी कार्यक्रम तक अधर में लटका हुआ है, जिससे बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं में निराशा फैल रही है।</p>



<p>मंत्रिमंडल विस्तार पर भी ठहराव जारी है। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में फिलहाल 6 पद खाली पड़े हैं। विस्तार की कयासें जनवरी 2026 से ही चल रही थीं, लेकिन फरवरी के बाद भी यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। चर्चा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है। RSS, भाजपा की कोर कमेटी और योगी की दिल्ली में हुई बैठकों में जाति समीकरण खासकर ओबीसी और दलित वर्गों का संतुलन साधने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।</p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color has-link-color wp-elements-58fae973dfea9b2831d2729c4e487df2"><strong>योगी आदित्यनाथ समर्थक गुट और केशव प्रसाद मौर्य गुट के बीच टकराहट पुरानी है। 2024 लोकसभा चुनाव में वोट शेयर में आई गिरावट के बाद यह कलह और उजागर हो गई। प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बीच कथित दूरी की चर्चाएं बजट सत्र के बाद और तेज हो गई हैं। संगठन और सरकार के बीच समन्वय की कमी से जमीनी स्तर के कार्यकर्ता नाराज हैं। कई कार्यकर्ता मानते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी से ओबीसी-दलित समीकरण बिगड़ रहा है, जो भविष्य में पार्टी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकता है।</strong></p>



<p>इस आंतरिक घमासान में कई नेता अपनी गोटियां चला रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्षेत्रीय समन्वय बैठकों के माध्यम से असंतोष कम करने और 2027 चुनाव पर फोकस करने की कोशिश कर रहे हैं। वे नए चेहरों को तरजीह दे रहे हैं और पुरानी कलह को कम करने पर जोर दे रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह RSS के साथ निरंतर मंथन कर ओबीसी-दलित संतुलन साधने का प्रयास कर रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य गुट संगठन पदों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन योगी की नई टीम में इस गुट को ज्यादा जगह नहीं मिल रही है। वहीं भूपेंद्र चौधरी मंत्रिमंडल में वापसी की दौड़ में हैं और संगठन से सरकार में शिफ्ट होने की संभावना जताई जा रही है।</p>



<p>जनप्रतिनिधि और अधिकारी के बीच टकराव भी बढ़ता जा रहा है। महोबा में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजस्व के बीच सड़क पर खुला विवाद सार्वजनिक हो गया। लोनी में विधायक नंद किशोर गुर्जर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जबकि दिनेश खटीक जैसे नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। 2024 लोकसभा चुनाव में संगीत सोम और संजीव बालियान के विवाद ने कई सीटों पर असर डाला था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जनप्रतिनिधि-अधिकारी टकराव 2027 तक जारी रहा तो पार्टी को काफी नुकसान हो सकता है।</p>



<p>सरकार और संगठन के बीच खींचतान भी साफ दिख रही है। योगी सरकार और नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच समन्वय की कमी से जमीनी कार्यकर्ता नाराज हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में देरी ने जातीय असंतुलन को जन्म दिया है, जिससे पार्टी का वोट शेयर प्रभावित हो सकता है। 2022 के 41 प्रतिशत वोट शेयर को बनाए रखना 2027 में चुनौतीपूर्ण हो सकता है।</p>



<p>2027 विधानसभा चुनाव पर इस आंतरिक कलह का गहरा असर पड़ सकता है। विलंब से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है, लेकिन योगी आदित्यनाथ की सूझबूझ और केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप से एकता बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। पंचायत चुनाव 2026 और विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा संगठन को मजबूत करने की होड़ मची हुई है। यदि कलह बढ़ी तो समाजवादी पार्टी (SP) के PDA फॉर्मूले को फायदा हो सकता है और भाजपा का वोट शेयर घट सकता है।</p>



<p>कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन, मंत्रिमंडल और आंतरिक घमासान एक साथ चल रहे हैं। योगी आदित्यनाथ की मजबूत इच्छाशक्ति और केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता से पार्टी इस चुनौती से उबर सकती है, लेकिन यदि असंतोष और कलह पर काबू नहीं पाया गया तो 2027 के चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी के रण में अखिलेश की बिसात में उलझी भाजपा</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/bjp-is-under-the-trap-of-akhilesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Utkarsh Sinha]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 13:16:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ओपिनियन]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली डिबेट]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेश यादव]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
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					<description><![CDATA[डा. उत्कर्ष सिन्हा उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीति एक ऐसे दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गई है जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की लकीरें अब पहले से कहीं अधिक स्पष्ट और गहरी होती जा रही हैं। चुनावी आहटों के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की बदली हुई कार्यशैली और भारतीय जनता पार्टी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>डा. उत्कर्ष सिन्हा</strong></span></p>
<p>उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीति एक ऐसे दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गई है जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की लकीरें अब पहले से कहीं अधिक स्पष्ट और गहरी होती जा रही हैं। चुनावी आहटों के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की बदली हुई कार्यशैली और भारतीय जनता पार्टी के भीतर उपजा आंतरिक मंथन इस बात का संकेत है कि आने वाला समय राज्य की सियासत के लिए बेहद निर्णायक होने वाला है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने अपनी पारंपरिक राजनीति के खोल से बाहर निकलकर जिस तरह की आक्रामक और सूक्ष्म रणनीतिक शैली अपनाई है, उसने भाजपा के रणनीतिकारों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। चाहे वह मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर फॉर्म 7 का गंभीर मामला हो या विपक्षी दलों के दिग्गज चेहरों को अपने पाले में लाने की बिसात, अखिलेश हर कदम पर न केवल सचेत हैं, बल्कि सीधे प्रहार करने की मुद्रा में भी नजर आ रहे हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-336697 aligncenter" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2026/02/akhilesh.jpg" alt="" width="1500" height="900" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2026/02/akhilesh.jpg 1500w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2026/02/akhilesh-300x180.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2026/02/akhilesh-1024x614.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2026/02/akhilesh-768x461.jpg 768w" sizes="(max-width: 1500px) 100vw, 1500px" /></p>
<p>समाजवादी पार्टी का यह रूपांतरण आकस्मिक नहीं है, बल्कि यह पिछले चुनाव परिणामों से सीख लेकर तैयार की गई एक सोची-समझी योजना का हिस्सा है। अखिलेश यादव अब केवल ट्विटर या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नेता नहीं रहे, बल्कि वे चुनावी मशीनरी की उन बारीकियों पर ध्यान दे रहे हैं जहाँ अक्सर विपक्ष मात खा जाता था।</p>
<p>फॉर्म 7 के मुद्दे को उठाकर उन्होंने निर्वाचन आयोग और प्रशासन को यह कड़ा संदेश दिया है कि वे मतदाताओं के नाम कटवाने या फर्जी नाम जोड़ने जैसी किसी भी कोशिश को हल्के में नहीं लेंगे। यह सचेतता कैडर के भीतर एक नया आत्मविश्वास पैदा कर रही है, जिससे कार्यकर्ताओं को लग रहा है कि उनके नेतृत्व के पास अब हर वार का प्रतिवाद मौजूद है। इसके साथ ही, अन्य दलों के कद्दावर नेताओं को पार्टी में शामिल करना यह स्पष्ट करता है कि सपा अब &#8216;परिवारवाद&#8217; के टैग को पीछे छोड़कर एक व्यापक &#8216;सोशल इंजीनियरिंग&#8217; की ओर बढ़ चुकी है।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी इस समय अपने ही अंतर्विरोधों के चक्रव्यूह में उलझी हुई नजर आती है। जो भाजपा अपनी अटूट एकजुटता और अनुशासित संगठन के लिए मिसाल दी जाती थी, उसके भीतर अब असंतोष के स्वर सार्वजनिक होने लगे हैं। पार्टी के भीतर के आपसी झगड़े, मंत्रियों और संगठन के बीच का तालमेल बिगड़ना और प्रशासनिक फैसलों पर अपनों के ही सवाल उठाना, भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।</strong></span></p></blockquote>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निसंदेह एक आक्रामक छवि के नेता हैं और उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता कुछ वर्गों में अभी भी बरकरार है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का एक बड़ा वर्ग यह मानने लगा है कि भाजपा के पास अब वोटरों को गोलबंद करने के लिए &#8216;हिंदुत्व&#8217; के सिवा कोई प्रभावी हथियार नहीं बचा है। विकास के दावों और डबल इंजन सरकार के नारों के बीच जब युवाओं के भविष्य से जुड़े &#8216;UGC प्रकरण&#8217; और पेपर लीक जैसे मामले सामने आते हैं, तो हिंदुत्व की वह धार भी कुंद पड़ने लगती है जो कभी भाजपा का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच हुआ करती थी।</p>
<blockquote><p><strong><span style="color: #ff0000;">धार्मिक मोर्चे पर भी स्थितियाँ भाजपा के लिए उतनी सहज नहीं रह गई हैं जितनी पहले थीं। शंकराचार्य प्रकरण और धार्मिक गुरुओं के बीच उभरे मतभेदों ने उस नैरेटिव को प्रभावित किया है, जिसे भाजपा ने पिछले एक दशक में बड़े जतन से गढ़ा था। जब आस्था के केंद्र और धार्मिक संस्थाएं सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं, तो उसका सीधा असर उन पारंपरिक वोटरों पर पड़ता है जो धर्म और राजनीति के संगम को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत मानते थे। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई ने संगठन को भीतर से कमजोर किया है। पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी और दूसरे दलों से आए नेताओं को दी जा रही तरजीह ने भाजपा के भीतर एक मनोवैज्ञानिक दरार पैदा कर दी है, जिसे भरने में मुख्यमंत्री योगी और शीर्ष नेतृत्व को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।</span></strong></p></blockquote>
<p>अखिलेश यादव ने इस स्थिति को भाँपते हुए अपनी &#8216;PDA&#8217; (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। PDA का यह फॉर्मूला केवल एक गठबंधन नहीं है, बल्कि यह भाजपा की &#8216;हिंदुत्व&#8217; आधारित गोलबंदी के खिलाफ एक &#8216;जातीय गोलबंदी&#8217; का काउंटर है।</p>
<p>अखिलेश जानते हैं कि अगर वे गैर-यादव पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से को यह समझाने में सफल रहे कि भाजपा के शासन में उनकी भागीदारी कम हुई है, तो वे भाजपा के उस बड़े वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं जिसने मोदी-योगी के दौर में भाजपा को ऐतिहासिक जीतें दिलाई थीं। अखिलेश यादव की रैलियों और बयानों में अब केवल विकास की बातें नहीं होतीं, बल्कि वे जातीय जनगणना और आरक्षण जैसे मुद्दों को उठाकर सीधे तौर पर उन वर्गों को साध रहे हैं जो खुद को व्यवस्था से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश की इस चुनावी जंग में मुद्दे अब भावनात्मक से हटकर भागीदारी और सुरक्षा पर केंद्रित होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी आक्रामकता से यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि वे कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे, लेकिन बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे प्रश्न अब उनकी इस आक्रामकता पर भारी पड़ रहे हैं। वहीं अखिलेश यादव ने खुद को एक ऐसे परिपक्व नेता के रूप में पेश किया है जो अब केवल प्रतिवाद नहीं करता, बल्कि विकल्प भी पेश करता है। उनका हर कदम भाजपा की कमजोरी को उजागर करने और अपनी मजबूती को बढ़ाने की दिशा में केंद्रित है।</p>
<p>कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बिसात अब पूरी तरह बिछ चुकी है। एक तरफ अखिलेश यादव का &#8216;सचेत और आक्रामक&#8217; विपक्ष है जो पीडीए के सहारे जातीय दुर्ग को मजबूत कर चुका है, तो दूसरी तरफ भाजपा है जो अपने आंतरिक कलह और प्रशासनिक चुनौतियों से पार पाने की जद्दोजहद में है। हिंदुत्व का कार्ड अभी भी भाजपा का ब्रह्मास्त्र है, लेकिन क्या यह ब्रह्मास्त्र बेरोजगारी, महंगाई और आंतरिक अंतर्विरोधों के दबाव को झेल पाएगा? यह एक बड़ा सवाल है। आने वाले चुनावों में जीत उसी की होगी जो मतदाता की बदलती नब्ज को बेहतर तरीके से पढ़ पाएगा और उसे यह विश्वास दिला पाएगा कि वह केवल सत्ता का भूखा नहीं, बल्कि उनके हितों का सच्चा रक्षक है। अखिलेश यादव फिलहाल इस रेस में खुद को बहुत सावधानी और आक्रामकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे भाजपा की राहें पहले के मुकाबले काफी कठिन हो गई हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भाजपा कार्यकर्ताओं को सीएम योगी का निर्देश, एसआईआर अभियान को लेकर&#8230;.</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/cm-yogis-instructions-to-bjp-workers-regarding-sir-campaign/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 06:51:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[SIR अभियान उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोरखपुर समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा कार्यकर्ता]]></category>
		<category><![CDATA[मतदाता सूची अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[मतदाता सूची पुनरीक्षण]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[विशेष गहन पुनरीक्षण 2024]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में शत-प्रतिशत योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र मतदाताओं का नाम बूथ स्तर पर तैयार की जा रही सूची से किसी भी दशा में नहीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="170" data-end="494"><span style="color: #0000ff"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क </strong></span></p>
<p data-start="170" data-end="494">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong data-start="198" data-end="216">योगी आदित्यनाथ</strong> ने भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची के <strong data-start="283" data-end="312">विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)</strong> अभियान में <em data-start="324" data-end="343">शत-प्रतिशत योगदान</em> सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र मतदाताओं का नाम बूथ स्तर पर तैयार की जा रही सूची से किसी भी दशा में नहीं छूटना चाहिए।</p>
<p data-start="170" data-end="494"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-311153 size-large" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/12/2022_12image_09_28_368159203cmyogi-1024x768.jpg" alt="" width="618" height="464" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/12/2022_12image_09_28_368159203cmyogi-1024x768.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/12/2022_12image_09_28_368159203cmyogi-300x225.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/12/2022_12image_09_28_368159203cmyogi-768x576.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2024/12/2022_12image_09_28_368159203cmyogi.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /></p>
<p data-start="496" data-end="737">मुख्यमंत्री योगी बुधवार शाम <strong data-start="524" data-end="554">गोरखपुर एनेक्सी भवन सभागार</strong> में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एसआईआर के तहत की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की और इसे तेज गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।</p>
<h3 data-start="744" data-end="795"><span style="color: #0000ff"> हर बूथ पर 5–10 दिसंबर तक लगेंगे विशेष कैंप</span></h3>
<p data-start="796" data-end="1056">सीएम योगी ने निर्देश दिया कि <strong data-start="825" data-end="843">5 से 10 दिसंबर</strong> तक प्रत्येक बूथ पर विशेष शिविर लगाकर मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म और गणना प्रपत्र भरने में सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध तैयार हो।</p>
<h3 data-start="1063" data-end="1102"><span style="color: #0000ff"> घर-घर जाकर करवाएं प्रपत्र भरना</span></h3>
<p data-start="1103" data-end="1224">मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता बीएलओ के साथ मिलकर <strong data-start="1161" data-end="1202">घर-घर जाकर एसआईआर गणना प्रपत्र भरवाएँ</strong>। इसके लिए हर बूथ पर</p>
<ul data-start="1225" data-end="1298">
<li data-start="1225" data-end="1240">
<p data-start="1227" data-end="1240">बूथ अध्यक्ष</p>
</li>
<li data-start="1241" data-end="1250">
<p data-start="1243" data-end="1250">बीएलए</p>
</li>
<li data-start="1251" data-end="1274">
<p data-start="1253" data-end="1274">बूथ समिति पदाधिकारी</p>
</li>
<li data-start="1275" data-end="1298">
<p data-start="1277" data-end="1298">वरिष्ठ कार्यकर्ताओं</p>
</li>
</ul>
<p data-start="1300" data-end="1357">की <strong data-start="1303" data-end="1321">10 सदस्यीय टीम</strong> बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।</p>
<h3 data-start="1364" data-end="1411"><span style="color: #0000ff"> महिला मतदाताओं के लिए बनेगी विशेष टोली</span></h3>
<p data-start="1412" data-end="1591">सीएम योगी ने कहा कि एसआईआर अभियान में महिला मतदाताओं की सहायता के लिए भाजपा की <strong data-start="1491" data-end="1527">महिला कार्यकर्ताओं की विशेष टोली</strong> बनाई जाए, जो घर-घर जाकर संपर्क करे और फॉर्म भरवाने में मदद करे।</p>
<h3 data-start="1598" data-end="1652"><span style="color: #0000ff"> फर्जी व मृतक मतदाताओं का नाम हटाने के निर्देश</span></h3>
<p data-start="1653" data-end="1715">योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एसआईआर प्रक्रिया में</p>
<ul data-start="1716" data-end="1905">
<li data-start="1716" data-end="1756">
<p data-start="1718" data-end="1756"><strong data-start="1718" data-end="1753">फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाएं</strong>,</p>
</li>
<li data-start="1757" data-end="1801">
<p data-start="1759" data-end="1801"><strong data-start="1759" data-end="1798">मृतक व्यक्तियों के नाम सूची से हटें</strong>,</p>
</li>
<li data-start="1802" data-end="1905">
<p data-start="1804" data-end="1905">और जिन लोगों ने फॉर्म भर दिया है, उनके दस्तावेजों को डिजिटल कराने में भी कार्यकर्ता सक्रिय सहयोग दें।</p>
</li>
</ul>
<p data-start="1907" data-end="2018">उन्होंने कहा कि पूर्णतः शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p data-start="1907" data-end="2018"><span style="color: #993366"><strong>ये भी पढ़ें-<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/mamata-banerjee-upset-with-humayun-kabir-will-stay-away-from-babri-masjid-event/">ममता बनर्जी हुमायूं कबीर से नाराज़, बाबरी मस्जिद कार्यक्रम से रहेंगी दूर!</a></strong></span></p>
<h3 data-start="2025" data-end="2061"><span style="color: #0000ff"> बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग</span></h3>
<p data-start="2062" data-end="2083">बैठक में मौजूद रहे—</p>
<ul data-start="2084" data-end="2485">
<li data-start="2084" data-end="2120">
<p data-start="2086" data-end="2120">महापौर <strong data-start="2093" data-end="2118">डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव</strong></p>
</li>
<li data-start="2121" data-end="2179">
<p data-start="2123" data-end="2179">एमएलसी व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष <strong data-start="2155" data-end="2177">डॉ. धर्मेंद्र सिंह</strong></p>
</li>
<li data-start="2180" data-end="2205">
<p data-start="2182" data-end="2205">विधायक <strong data-start="2189" data-end="2203">विपिन सिंह</strong></p>
</li>
<li data-start="2206" data-end="2246">
<p data-start="2208" data-end="2246">भाजपा महानगर संयोजक <strong data-start="2228" data-end="2244">राजेश गुप्ता</strong></p>
</li>
<li data-start="2247" data-end="2291">
<p data-start="2249" data-end="2291">क्षेत्रीय उपाध्यक्ष <strong data-start="2269" data-end="2289">विश्वजीताशु सिंह</strong></p>
</li>
<li data-start="2292" data-end="2326">
<p data-start="2294" data-end="2326">शहर संयोजक <strong data-start="2305" data-end="2324">अच्युतानंद शाही</strong></p>
</li>
<li data-start="2327" data-end="2382">
<p data-start="2329" data-end="2382">इंद्रमणि उपाध्याय, रमेश प्रताप गुप्ता, शशिकांत सिंह</p>
</li>
<li data-start="2383" data-end="2446">
<p data-start="2385" data-end="2446">पार्षदगण, पूर्व पार्षदगण और पार्षद चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी</p>
</li>
<li data-start="2447" data-end="2485">
<p data-start="2449" data-end="2485">महानगर के सभी 10 मंडलों के अध्यक्ष</p>
</li>
</ul>
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		<item>
		<title>सिवान में योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं पर किया हमला, NDA के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/yogi-adityanath-attacks-mafia-in-siwan-addresses-public-rally-in-support-of-nda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Oct 2025 09:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[सिवान]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क बिहार विधानसभा चुनाव के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिवान में एनडीए प्रत्याशी मंगल पांडेय के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने माफियाओं और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। माफियाओं पर बुलडोजर का दावा सीएम योगी ने कहा कि यूपी में माफियाओं को बुलडोजर से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="190" data-end="443"><span style="color: #0000ff"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p data-start="190" data-end="443">बिहार विधानसभा चुनाव के बीच, <strong data-start="249" data-end="295">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong> ने सिवान में <strong data-start="309" data-end="340">एनडीए प्रत्याशी मंगल पांडेय</strong> के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने माफियाओं और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा।</p>
<p data-start="190" data-end="443"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-330299" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/10/Uttar-Pradesh-Chief-Minister-Yogi-Adityanath.avif" alt="" /></p>
<p data-start="190" data-end="443">
<h3 data-start="450" data-end="490"><span style="color: #0000ff"><strong data-start="457" data-end="488">माफियाओं पर बुलडोजर का दावा</strong></span></h3>
<p data-start="491" data-end="717">सीएम योगी ने कहा कि यूपी में माफियाओं को बुलडोजर से कचूमर निकालकर <strong data-start="557" data-end="585">जहन्नुम भेज दिया गया है।</strong> उन्होंने रघुनाथपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक खानदानी माफिया फिर से कब्जा करना चाहता था, लेकिन यूपी सरकार ने उसे रोक दिया।</p>
<p data-start="719" data-end="869">योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश में हमने बुलडोजर से रौंद-रौंदकर इन माफियाओं का कचूमर निकालकर उत्तर प्रदेश की धरती से जहन्नुम के रास्ते उनके खोल दिए हैं।”</p>
<h3 data-start="876" data-end="919"><span style="color: #0000ff"><strong data-start="883" data-end="917">विपक्ष और भ्रष्टाचार पर निशाना</strong></span></h3>
<p data-start="920" data-end="1276">सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद गरीबों के लिए घर नहीं बनवाते।<br data-start="988" data-end="991" />उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन विकास को बाधित करना चाहता है और गरीबों की योजनाओं पर डकैती करना चाहता है। “ये लोग गरीबों का राशन छीनेंगे, नौकरी और जमीन हड़पेंगे। विकास के नाम पर माफियाराज लाकर नग्न तांडव कराएंगे। यूपी में माफिया <strong data-start="1218" data-end="1236">सपा का शागिर्द</strong> है, बिहार में राजद का,” उन्होंने कहा।</p>
<h3 data-start="1283" data-end="1330"><span style="color: #0000ff"><strong data-start="1290" data-end="1328">धार्मिक और सांस्कृतिक विकास पर जोर</strong></span></h3>
<p data-start="1331" data-end="1569">योगी आदित्यनाथ ने तामढ़ी में <strong data-start="1360" data-end="1380">सीता जी के मंदिर</strong> और अयोध्या में <strong data-start="1396" data-end="1409">राम मंदिर</strong> के निर्माण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और राजद ने भगवान राम की रथ यात्रा को रोका। एनडीए की सरकार में राम और सीता की योजनाओं को पूरा किया गया है।”</p>
<p data-start="1571" data-end="1713">उन्होंने जवाहर लाल नेहरू के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि <strong data-start="1631" data-end="1662">सोमनाथ मंदिर जाने की अनुमति</strong> न मिलने पर भी राजेन्द्र बाबू इस्तीफा देकर गए थे।</p>
<h3 data-start="1720" data-end="1764"><span style="color: #0000ff"><strong data-start="1727" data-end="1762">शांति और कानून व्यवस्था का दावा</strong></span></h3>
<p data-start="1765" data-end="2112">सीएम योगी ने यूपी में <strong data-start="1787" data-end="1820">8.5 साल में कोई दंगा नहीं हुआ</strong> का दावा किया और कहा कि राम जानकी मार्ग का निर्माण और बहनों के लिए पहली किश्त जारी की गई। उन्होंने जोर देकर कहा, “एनडीए पहले करता है, फिर बोलता है। दंगा करोगे तो खानदान की संपत्ति जाएगी और भीख भी नहीं मिलेगी। माफियाओं के हमने जहन्नुम के टिकट काटे। विकसित बिहार के लिए एनडीए की सरकार चाहिए।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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