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	<title>फेसबुक Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<description>News &#38; Information Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 13 Oct 2023 08:11:05 +0000</lastBuildDate>
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	<item>
		<title>&#8216;इंडिया&#8217; गठबंधन गूगल, फेसबुक से हुआ नाराज, दी ये चेतावनी?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/india-alliance-angry-with-google-facebook-this-warning/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Oct 2023 08:11:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[इंडिया गठबंधन]]></category>
		<category><![CDATA[गूगल]]></category>
		<category><![CDATA[फेसबुक]]></category>
		<category><![CDATA[मार्क जुकरबर्ग]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल मीडिया]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क  विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया में शामिल पार्टियों ने सोशल मीडिया मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा देने में उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कथित भूमिका को लेकर विरोध दर्ज करवाया गया है. साथ ही कहा गया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #0000ff">जुबिली न्यूज डेस्क </span></strong></p>
<p>विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया में शामिल पार्टियों ने सोशल मीडिया मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा देने में उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कथित भूमिका को लेकर विरोध दर्ज करवाया गया है. साथ ही कहा गया है कि वे आने वाले चुनावों में अपनी तटस्थता दिखाएं.</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-288284 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/10/nz_googlefb_050618.webp" alt="" width="780" height="520" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/10/nz_googlefb_050618.webp 780w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/10/nz_googlefb_050618-300x200.webp 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/10/nz_googlefb_050618-768x512.webp 768w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" /></p>
<p>दरअसल, अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट में हाल ही में एक रिपोर्ट पब्लिश की गई. इसमें कहा गया कि फेसबुक, व्हाट्सऐप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म कथित तौर पर सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की तरफ झुकाव रख रहे हैं. फेसबुक और व्हाट्सऐप का स्वामित्व मेटा के पास तथा यूट्यूब का स्वामित्व गूगल के पास है. इसके बाद ही इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों ने दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सीईओ को चिट्ठी लिखी है.</p>
<h3><span style="color: #0000ff"><strong>खरगे ने शेयर की चिट्ठी</strong></span></h3>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर जुकरबर्ग को लिखी चिट्ठी शेयर की है. इसमें कहा गया, &#8216;वाशिंगटन पोस्ट की विस्तृत जांच का हवाला देते हुए फेसबुक के सीईओ मार्क जुबरबर्ग को इंडिया दलों ने चिट्ठी लिखी है. इसमें बताया गया है कि किस तरह मेटा भारत में सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा देने और सांप्रदायिक नफरत भड़काने का दोषी है.</p>
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<div class="uk-text-center">
<div id="div-gpt-ad-6601185-5" class="ad-slot" data-google-query-id="COSE4fTD8oEDFUbTaAodgaQEBw">
<p>खरगे ने सुंदर पिचाई को लिखी चिट्ठी को भी एक्स पर शेयर किया है. इसमें कहा गया, &#8216;इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने वाशिंगटन पोस्ट की जांच के आधार पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को भी चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्हें बताया गया है कि किस तरह अल्फाबेट और खासतौर पर यूट्यूब भारत में सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा देकर लोगों के बीच सांप्रदायिक नफरत को भड़का रहा है.</p>
<h3><span style="color: #0000ff"><strong>चिट्ठी में क्या कहा गया है? </strong></span></h3>
<p>जुकरबर्ग को लिखी चिट्ठी में विपक्षी दलों ने कहा कि इंडिया भारत में 28 राजनीतिक पार्टियों का गठबंधन है. इनकी सरकारें 11 राज्यों में हैं. ये कुल मिलाकर भारत के आधे वोटर्स का प्रतिनिधित्व करता है. इसमें लिखा गया है कि आपको व्हाट्सऐप और फेसबुक के जरिए बीजेपी के सांप्रदायिक नफरत फैलाने अभियान के बारे में जानकारी होगी. वाशिंगटन पोस्ट ने बताया है कि किस तरह से बीजेपी समर्थकों के जरिए व्हाट्सऐप ग्रुप में नफरती कंटेट को सर्कुलेट किया जा रहा है.</p>
<p><span style="color: #993366"><strong>ये भी पढ़ें-<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/israel-will-be-able-to-free-150-of-its-hostages-from-hamas-what-is-the-preparation/">इसराइल अपने 150 बंधकों को हमास से छुड़ा पाएगा, क्या है तैयारी?</a></strong></span></p>
<p>वहीं, पिचाई को लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि मौजूदा डेटा इस बात की ओर इशारा करते हैं कि गूगल का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब विपक्ष नेताओं की कंटेट को लोगों तक पहुंचने से रोक रहा है. वह सरकार के कंटेट को सर्कुलेट कर रहा है. विपक्षी दलों ने मांग की कि आने वाले चुनावों में तटस्थता सुनिश्चित की जानी चाहिए.</p>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खूब खेला&#8230; फिर गिरा और  निकली जिस्म से रूह…</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/38-year-old-man-dies-of-heart-attack-while-playing-badminton-incident-at-hyderabads-indoor-stadium/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Mar 2023 04:55:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[स्पोर्ट्स]]></category>
		<category><![CDATA[12]]></category>
		<category><![CDATA[ट्वीटर]]></category>
		<category><![CDATA[फेसबुक]]></category>
		<category><![CDATA[बैडमिंटन खेलते वक्त उसकी मौत]]></category>
		<category><![CDATA[व्हाट्सएप्प]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल मीडिया]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली स्पेशल डेस्क मौजूदा वक्त में हर कोई सोशल मीडिया का हिस्सा बनना पसंद करता है। दरअसल सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को हर तरह की खबर बेहद कम वक्त में मिल जाती है। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म है। फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप्प सबसे ज्यादा चलाया जाता है। लोग इन प्लेटफॉर्म को अपने मोबाइल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली स्पेशल डेस्क</strong></span></p>
<p>मौजूदा वक्त में हर कोई सोशल मीडिया का हिस्सा बनना पसंद करता है। दरअसल सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को हर तरह की खबर बेहद कम वक्त में मिल जाती है। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म है।</p>
<p>फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप्प सबसे ज्यादा चलाया जाता है। लोग इन प्लेटफॉर्म को अपने मोबाइल फोन पर आसानी से चलाते हैं और दोस्तों से घंटों बात करते हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-274706" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/03/badmitton-1024x539.jpg" alt="" width="618" height="325" /></p>
<p>इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर कब कौन सा वीडियो वायरल हो जाये ये किसी को पता नहीं होता। कुछ लोग तो ऐसे होते है जो सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट करते रहते हैं। आज हम आपके सामने एक ऐसा ही वीडियो लेकर जिसे देखकर हर कोई काफी दुखी हो गया है। दरअसल एक बैडमिंटन खेल रहे शख्स की अचानक से मौत हो गई। पूरा मामला हैदराबाद के सकंदराबाद स्थित लालपेट का बताया जा रहा है।</p>
<p>उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। उसकी मौत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। स्थानीय मीडिया की माने तो 38 साल का श्याम यादव बैडमिंटन कोर्ट पर पड़ा हुआ नजर आ रहा है।</p>
<p>स्थानीय मीडिया की माने तो उनके परिवार का कहना है कि वो ऑफिस से आने के बा रोज बैडमिंटन जाता है लेकिन मंगलवार को बैडमिंटन खेलते वक्त उसकी मौत हो गई। ये घटना मंगलवार शाम की बतायी जा रही है।</p>
<p>स्थानीय मीडिया की माने तो मंगवालर करीब साढ़े सात बजे बैंडमिंटन खेल रहे श्याम को हार्ट अटैक आया था और फिर कोर्ट पर अचेत हो गया था।</p>
<p>आनन-फानन में उसके अस्पताल लाया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और वो मौत की नींद सो चुका था। इतना ही डॉक्टरों ने उसको देखा तो श्याम को मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की खबर से उनका परिवार सदमे है और उसके साथ खेलने वाले खिलाड़ी भी हैरान है क्योंकि श्याम काफी फिट खिलाड़ी था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चुनावो में हेराफेरी के खुलासे पर भारत में चुप्पी क्यों ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/silance-in-indian-media-on-election-manupulation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Utkarsh Sinha]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Feb 2023 09:48:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[ओपिनियन]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली डिबेट]]></category>
		<category><![CDATA['द गार्जियन']]></category>
		<category><![CDATA[इंटरनेशनल कॉन्जर्टियम ऑफ जर्नलिस्ट्स]]></category>
		<category><![CDATA[ट्विटर]]></category>
		<category><![CDATA[फेसबुक]]></category>
		<category><![CDATA[व्हाट्सएप]]></category>
		<category><![CDATA[सोशल मीडिया]]></category>
		<category><![CDATA[हैकिंग]]></category>
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					<description><![CDATA[गिरीश मालवीय द गार्जियन के खुलासे पर भारतीय मीडिया में अजीब सी चुप्पी है कल गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल के कॉन्ट्रैक्टर्स की एक टीम ने दुनिया में 30 ज्यादा चुनावों में हेरफेर की। ऐसा उन्होंने हैकिंग, सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार और चुनाव प्रक्रिया में रुकावट डाल कर किया. कॉन्ट्रैक्टर्स की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-273861 alignleft" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/girish-300x215.jpg" alt="" width="300" height="215" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/girish-300x215.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/girish.jpg 434w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />गिरीश मालवीय</strong></span></p>
<p>द गार्जियन के खुलासे पर भारतीय मीडिया में अजीब सी चुप्पी है कल गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल के कॉन्ट्रैक्टर्स की एक टीम ने दुनिया में 30 ज्यादा चुनावों में हेरफेर की। ऐसा उन्होंने हैकिंग, सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार और चुनाव प्रक्रिया में रुकावट डाल कर किया.</p>
<p>कॉन्ट्रैक्टर्स की इस टीम के संचालक 50 वर्षीय ताल हनान हैं, जो तेल अवीव में रहते हैं। वे इस्राइल के एक स्पेशल फोर्स के पूर्व कर्मचारी हैं। उन्होंने विभिन्न देशों में चुनावों को प्रभावित किया है, हनान की यूनिट कोड नेम &#8220;टीम जोर्ज&#8221; के तहत काम करती है।</p>
<p>इंटरनेशनल कॉन्जर्टियम ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईसीजे) ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है।</p>
<p>टीम जॉर्ज की प्रमुख सेवाओं में से एक परिष्कृत सॉफ्टवेयर पैकेज, एडवांस्ड इम्पैक्ट मीडिया सॉल्यूशंस या एम्स है। यह ट्विटर, लिंक्डइन, फेसबुक, टेलीग्राम, जीमेल, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हजारों फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल की विशाल आर्मी को नियंत्रित करता है।</p>
<p>पहले केंब्रिज एनेलिटिका फिर पगासस और अब इस टीम जॉर्ज के खुलासे के बाद अब यह सिद्ध हो गया है सोशल मीडिया का असली इस्तेमाल कौन कर रहा है.</p>
<p>आप इस भरम में है कि आप सोशल मीडि&#x200d;या का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में वो आपका इस्&#x200d;तेमाल कर रहा है।दुनिया भर में ऐसे गुप्त संगठन जिनके पास डेटा को समझने और हासिल करने की ताकत होती है, वे अब सोशल मीडिया की सहायता से अब चुनावों को प्रभावित कर रहे हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-273862 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1630" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-scaled.jpg 2560w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-300x191.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-1024x652.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-768x489.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-1536x978.jpg 1536w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2023/02/aaaa-2048x1304.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>18 से 30 साल की आयु वाले वोटर जो पहले अपने परिवार की परंपरा के आधार पर वोट डालते थे, आज उनकी खुद की सोच है पसंद नापसंद है। और ये पसंद बन रही है सोशल मीडिया से .</p>
<p>सोशल मीडिया पर भी इसी आयुवय के लोगो की भरमार है ट्विटर और फेसबुक के पेज शख्सियत केन्द्रित है न कि विचारधारा केन्द्रित। पार्टी ब्रांड से ज्यादा व्यक्ति पर आधारित है,</p>
<p>फेसबुक ट्विटर और व्हाट्सएप व्यक्तिगत व सामूहिक जासूसी का बड़ा माध्यम बन चुके हैं.</p>
<p>2024 के चुनाव मे वोट डालने वाले 18 से 22 की आयुवर्ग वाले युवा 30 फीसदी के आस पास होंने जा रहे हैं भारत में फेसबुक के 50 फीसदी से ज्यादा यूजर्स की उम्र 25 साल से कम है। ये यूवा ही इनका मेन टारगेट है</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>सोशल मीडिया बिग डेटा इकट्ठा करता है और इस बिग डेटा का विश्लेषण डाटा साइंस के जरिये किया जाता है विभिन्न तरह के डाटा की अंदरूनी जानकारियां रिकॉर्ड कर उन्हें अलग-अलग ट्रेंड, व्यवहार और बाजार के मूड के अनुसार अध्ययन किया जाता है।यदि हम कारपोरेट जगत का उदाहरण ले तो कौनसी कंपनी बाजार के अनुसार किस तरीके से काम कर रही है उस सभी डाटा को इकट्ठा किया जाता है और फिर इन जानकारियों को खास गणित की प्रणालियों के इस्तेमाल से इसके पैटर्न का अध्ययन किया जाता है।</strong></span></p></blockquote>
<p>ठीक यही काम अब चुनावी दल भी करते हैं .</p>
<p>डाटा एनालिसिस करने वाली कंपनियां फेसबुक डाटा के जरिए यूजर्स की प्रोफाइलिंग करती हैं। यूजर के पर्सनल डाटा को ध्यान में रखकर उसकी राजनीतिक पसंद, नापसंद को देखते हुए उससे जुड़ी हुई पोस्ट ही दिखाती हैं। लंबे समय तक ऐसी पोस्ट देखने से व्यक्ति का झुकाव किसी भी राजनीतिक पार्टी की तरफ हो जाता है</p>
<p>किसी भी नए यूजर की फेसबुक प्रोफाइल को डिकोड करने का एक फॉर्मैट है। इसके तहत प्रोफाइल बनाने के बाद उसके 10 पोस्ट शेयर, 100 पोस्ट लाइक और 20 पोस्ट का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाता है। साथ ही उसके नैटवर्क और ग्रुप का विश्लेषण किया जाता है। राजनीति से जुड़े पेज इन्हीं प्रोफाइल को देखकर बनाए जाते हैं और उन पर पोस्ट भी उसी अनुरूप में दिए जाते हैं।</p>
<p>कुछ साल पहले ब्रिटिश चैनल-4 ने केंब्रिज एनालिटिका के आधिकारियों का स्टिंग कर उनसे कबूलवाया था कि उनकी कम्पनी द्वारा डाटा की बड़े पैमाने पर चोरी की गई है। यह कंपनी दुनिया भर के राजनीतिक दलों के लिए चुनाव के दौरान सोशल मीडिया कैंपेन चलाती है। अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए यह फर्म हनी ट्रैप, फेक न्यूज जैसे गलत हथकंडे भी अपनाती है।</p>
<p>ऐसे ही एनिलिसिस से केंब्रिज एनेलेटिका और टीम जॉर्ज जेसे समुह अपनी अनुशंसा राजनीतिक दलों को देते हैं आपको याद होगा कि 2019 के चुनावों में ‘नमो टीवी’ अचानक से अस्तित्व में आया</p>
<p>पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान 31 मार्च को यह चैनल सभी बड़े डीटीएच प्लेटफ़ॉर्म और केबल ऑपरेटरों के जरिये देशभर में अचानक से प्रसारित होने लगा, और मतदान ख़त्म होते ही ग़ायब हो गया था. न तो इसका कोई पंजीकरण था और न ही कोई इसका मालिक. हां, पहले दिन भाजपा ने सोशल मीडिया पर इसका ख़ूब प्रचार ज़रूर किया था. इसका नेटवर्क भाजपा के केंद्रीय दफ़्तर के नाम पर पंजीकृत ‘नमो एप’ पर भी था.</p>
<p>यानी हर तरफ के हथकंडे अपनाए जाते हैं.</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक डैनियल गिल्बर्ट ने लिखा है, &#8216;लोगों में अक्सर किसी बात पर तुरंत विश्वास करने की प्रवृत्ति पाई जाती है। साथ ही उनके लिए किसी चीज को शक के नजरिये से देखना भी मुश्किल होता है। वास्तव में विश्वास करना इतना आसान और अवश्यंभावी है कि लोग तर्कों पर कसने के बजाय स्वत: ही चीजें स्वीकार कर लेते हैं।&#8217; गिल्बर्ट और उनके सहयोगियों ने प्रयोगों द्वारा यह सिद्ध किया है कि लोग अक्सर उन चीजों को पहली नजर में सही मान लेते हैं, जो वह पढ़ते हैं सुनते हैं.</strong></span></p></blockquote>
<p>सोशल मीडिया ही आज युवाओं के फर्स्ट इंफरमेशन का स्त्रोत है इसलिए ऐसे दौर में सेलेब्रिटी संस्कृति को प्रोत्साहित कर ये काम मास लेवल पर किया जाता है.</p>
<p><em>(गिरिश मालवीय स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं, यह लेख उनके फेसबुक वाल से साभार उधृत है ) </em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Meta ने 11 हजार लोगों को नौकरी से निकाला, जुकरबर्ग ने मांगी&#8230;</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/meta-fired-11-thousand-people-zuckerberg-asked/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Nov 2022 12:18:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[meta]]></category>
		<category><![CDATA[Zuckerberg]]></category>
		<category><![CDATA[कर्मचारियों]]></category>
		<category><![CDATA[फेसबुक]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=267294</guid>

					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क ट्विटर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. नई भर्तियों पर तो पहले से ही रोक लगाई जा चुकी है. 4 महीने की मिलेगी सैलरी मेटा के जिन कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>ट्विटर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. नई भर्तियों पर तो पहले से ही रोक लगाई जा चुकी है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-267296 " src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/11/1667994278.webp" alt="" width="690" height="388" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/11/1667994278.webp 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/11/1667994278-300x169.webp 300w" sizes="auto, (max-width: 690px) 100vw, 690px" /></p>
<h3><span style="color: #0000ff"><strong>4 महीने की मिलेगी सैलरी</strong></span></h3>
<p>मेटा के जिन कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, उन्हें 4 महीने की सैलरी दी जाएगी. कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स हेड लॉरी गोलेर के अनुसार, निकाले गए कर्मचारियों को मुआवजे के तौर पर 4 महीने की सैलरी दी जाएगी.</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff6600"><strong>मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा, “हम यहां कैसे पहुंचे, मैं इसकी जवाबदेही लेता हूं. मुझे पता है कि यह सभी के लिए कठिन है, और जो लोग इससे प्रभावित हुए हैं, उनके लिए मुझे खेद है.”</strong></span></p></blockquote>
<p><span style="color: #993366"><strong>ये भी पढ़ें-<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/fans-went-crazy-seeing-sanjay-sunny-jackie-and-mithun-together-first-look-released/">संजय, सनी, जैकी और मिथुन को एक साथ देख फैंस हुए क्रेजी, first look जारी</a></strong></span></p>
<p>बता दे कि 2004 में शुरू हुई कंपनी के 18 सालों के इतिहास में ये सबसे बड़ी छंटनी हैं. कंपनी की खस्ता माली हालत और खराब तिमाही नतीजों के चलते ये फैसला लिया गया है.</p>
<p><strong><span style="color: #993366">ये भी पढ़ें<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/bigg-boss-shocking-eviction-archana-gautam-out-of-the-show-made-a-mistake/">Bigg Boss: शॉकिंग इविक्शन, अर्चना गौतम शो से बाहर, कर बैठीं गलती</a></span></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Facebook पर फॉलोअर्स कम होने से मचा बवाल, जानिए क्या है वजह</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/there-was-a-ruckus-due-to-less-followers-on-facebook-know-what-is-the-reason/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Oct 2022 09:24:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[फेसबुक]]></category>
		<category><![CDATA[फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग]]></category>
		<category><![CDATA[फॉलोअर्स]]></category>
		<category><![CDATA[फॉलोवर्स घटने की चर्चा]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क फेसबुक को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल इस समय फॉलोअर्स घटने को लेकर बवाल मचा हुआ है. हर तरफ फॉलोवर्स घटने की चर्चा हो रही है. बात ये है कि जिस किसी के पर्सनल प्रोफाइल पर लाखों करोड़ों फॉलोअर्स थे वे घटकर 10 हजार से नीचे आ गए हैं. &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #3366ff"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>फेसबुक को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल इस समय फॉलोअर्स घटने को लेकर बवाल मचा हुआ है. हर तरफ फॉलोवर्स घटने की चर्चा हो रही है. बात ये है कि जिस किसी के पर्सनल प्रोफाइल पर लाखों करोड़ों फॉलोअर्स थे वे घटकर 10 हजार से नीचे आ गए हैं. फेसबुक पर ज्यादातर लोग इसको लेकर पोस्ट लिख रहे हैं.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-265816 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/10/Facebook.jpg" alt="" width="700" height="400" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/10/Facebook.jpg 700w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/10/Facebook-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></p>
<h3><span style="color: #3366ff">मार्क जकरबर्ग के फॉलोवर्स 10 हजार से कम</span></h3>
<p>यहां तक की फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग के फॉलोवर्स भी 10 हजार से कम हो गए हैं. यानी कल तक जिनके कुछ लाख या करोडों या कुछ हजार फॉलोअर्स थे आज उन सबके घटकर 10 हजार से नीचे आ गए हैं. तमाम यूजर्स फॉलोअर्स घटने को लेकर शिकायत कर रहे हैं. हालांकि अभी फॉलोअर्स क्यों घट रहे हैं इस बात की वजह स्पष्ट सामने नहीं आई है।</p>
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<h3><span style="color: #3366ff"><strong>सबके फॉलोअर्स हुए कम</strong></span></h3>
<p>गौरतलब है कि समय समय पर फेक अकाउंट की शिकायतों को लेकर फेसबुक ऐसे अकाउंट एक्शन लेता रहता है, जिस वजह से लोगों के फॉलोअर्स कम होते रहते हैं. मगर इस बार कम होने वाले फॉलोअर्स की संख्या बहुत ज्यादे है. उसमें भी खास बात ये है कि सबके फॉलोअर्स 10 हजार से नीचे आ गए हैं. जैसे जकरबर्ग के मामले में यह संख्या 4 करोड़ से घटकर 10 हजार से भी कम हो गई है. जिस वजह से हाहाकार मच गया है। लेकिन फिलहाल वजह का पता नहीं चल सका है।</p>
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