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	<title>उत्तर प्रदेश Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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		<title>SAIL विवाद :क्या अब हिसाब-किताब का समय आ गया?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/sail-dispute-is-it-time-for-reckoning/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 04:33:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विवेक अवस्थी नई दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अमरेंदु प्रकाश के कार्यकाल के अंतिम दिनों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। व्हिसलब्लोअर राजीव भाटिया की पत्नी ने कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को कठोर सवालों की बौछार कर दी है, जो भ्रष्टाचार के आरोपों और जवाबदेही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p> <strong>विवेक अवस्थी</strong> </p>



<p>नई दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अमरेंदु प्रकाश के कार्यकाल के अंतिम दिनों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। </p>



<p>व्हिसलब्लोअर राजीव भाटिया की पत्नी ने कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को कठोर सवालों की बौछार कर दी है, जो भ्रष्टाचार के आरोपों और जवाबदेही की मांग पर केंद्रित हैं।राजीव भाटिया, जो SAIL के पूर्व अधिकारी रहे हैं, ने वर्षों से कंपनी में अनियमितताओं का खुलासा किया है।</p>



<p> उनकी पत्नी ने एक खुले पत्र में अमरेंदु प्रकाश से सीधे सवाल पूछे हैं: &#8220;क्या अब हिसाब-किताब का समय नहीं आ गया? आपका कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन हमारे सवाल अनुत्तरित हैं।&#8221; उन्होंने SAIL में वित्तीय गड़बड़ियों, निविदा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और व्हिसलब्लोअर्स के उत्पीड़न का जिक्र किया।पत्र में कहा गया है कि भाटिया परिवार को लंबे समय से धमकियां और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उच्च न्यायालय ने कई मामलों में न्याय दिया। अब जब प्रकाश अपना पद छोड़ रहे हैं, पत्नी ने मांग की है कि सभी जांच पूरी हों और दोषियों को सजा मिले।</p>



<p> &#8220;यह बदला नहीं, न्याय की मांग है,&#8221; उन्होंने लिखा।SAIL ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में पारदर्शिता और व्हिसलब्लोअर सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर करती है।</p>



<p><strong><em> (यह समाचार मूल रूप से indianpsu.com में प्रकाशित है,  जिसे हमारी संचार साझीदार समझौते के तहत प्रकाशित किया जा रहा है, लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)</em></strong></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान की तारीखें घोषित</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/assembly-elections-2026-polling-dates-announced-in-bengal-tamil-nadu-kerala-assam-and-puducherry/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 14:36:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Election Commission of India ने रविवार को पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। इसके तहत West Bengal, Kerala, Tamil Nadu, Assam और Puducherry में मतदान अलग-अलग चरणों में कराया जाएगा, जबकि सभी जगहों पर मतगणना 4 मई को एक साथ होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>Election Commission of India ने रविवार को पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। इसके तहत West Bengal, Kerala, Tamil Nadu, Assam और Puducherry में मतदान अलग-अलग चरणों में कराया जाएगा, जबकि सभी जगहों पर मतगणना <strong>4 मई</strong> को एक साथ होगी।</p>



<p>मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने बताया कि इन राज्यों में कुल <strong>17.4 करोड़ मतदाता</strong> हैं और <strong>824 विधानसभा सीटों</strong> के लिए चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम पहले ही पूरा हो चुका है और अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है।</p>



<p>इसके साथ ही Goa, Gujarat, Karnataka, Maharashtra, Nagaland और Tripura में कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे। इनमें से गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में <strong>9 अप्रैल</strong>, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में <strong>23 अप्रैल</strong> को मतदान होगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पश्चिम बंगाल: दो चरणों में चुनाव</h2>



<p>West Bengal की <strong>294 विधानसभा सीटों</strong> के लिए दो चरणों में मतदान होगा।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>पहला चरण: <strong>23 अप्रैल (152 सीटें)</strong></li>



<li>दूसरा चरण: <strong>29 अप्रैल (142 सीटें)</strong></li>
</ul>



<p>राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के नेतृत्व में टीएमसी 2011 से सत्ता में है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">असम: एक चरण में मतदान</h2>



<p>Assam की <strong>126 विधानसभा सीटों</strong> के लिए <strong>9 अप्रैल</strong> को एक ही चरण में मतदान होगा। यहां सत्ताधारी एनडीए और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मतगणना <strong>4 मई</strong> को होगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">केरल: 140 सीटों पर चुनाव</h2>



<p>Kerala में <strong>140 सीटों</strong> के लिए <strong>9 अप्रैल</strong> को मतदान होगा। यहां मुख्य मुकाबला Left Democratic Front और United Democratic Front के बीच है। वहीं National Democratic Alliance भी चुनाव मैदान में है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">तमिलनाडु: 234 सीटों पर वोटिंग</h2>



<p>Tamil Nadu की <strong>234 विधानसभा सीटों</strong> पर <strong>23 अप्रैल</strong> को एक चरण में मतदान कराया जाएगा। यहां विभिन्न दलों के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पुडुचेरी: 30 सीटों के लिए मतदान</h2>



<p>Puducherry की <strong>30 विधानसभा सीटों</strong> के लिए <strong>9 अप्रैल</strong> को मतदान होगा। यहां Indian National Congress, Dravida Munnetra Kazhagam और Communist Party of India गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि विपक्ष में All India N.R. Congress, Bharatiya Janata Party और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam शामिल हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर जोर</h2>



<p>चुनाव आयोग ने बताया कि सभी राज्यों में चुनाव तैयारियों की समीक्षा की जा चुकी है। आयोग ने संविधान के <strong>अनुच्छेद 324</strong> और <strong>Representation of the People Act, 1951</strong> के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा सके और मतदान निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से कराया जा सके।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी भाजपा की कौन संभालेगा कमान? अफवाहों का बाजार गर्म</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/who-will-be-the-new-state-president-of-bjp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Utkarsh Sinha]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 17:25:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[पंकज चौधरी]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी]]></category>
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					<description><![CDATA[डा. उत्कर्ष सिन्हा आनेवाले शनिवार को यूपी भाजपा के नए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होना है लेकिन इस बीच सियासी गलियारों में कानाफूसी तेज हो गयी है, गोपनीयता की स्थिति ये है की पार्टी के तमाम बड़े नेता अपने सूत्रों से नए नाम की टोह लेने में जुटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong><img decoding="async" class="wp-image-328477 alignleft" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/09/utkarsh-pic-258x300.jpeg" alt="" width="77" height="90" />डा. उत्कर्ष सिन्हा </strong></span></p>
<p>आनेवाले शनिवार को यूपी भाजपा के नए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होना है लेकिन इस बीच सियासी गलियारों में कानाफूसी तेज हो गयी है, गोपनीयता की स्थिति ये है की पार्टी के तमाम बड़े नेता अपने सूत्रों से नए नाम की टोह लेने में जुटे हुए हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी  के लिए हमेशा से एक विशेष महत्व वाला राज्य रहा है। 80 लोकसभा सीटों वाला ये प्रदेश न केवल भाजपा की “राजनीतिक प्रयोगशाला” कहा जाता है, बल्कि यहाँ का संगठनात्मक ढांचा पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति का भी आईना होता है।</p>
<p>2024 के लोकसभा चुनावों के बाद और 2027 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भाजपा की नज़र अब अपने नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन पर टिकी है। चर्चाओं का बाज़ार गर्म है—और यह तय माना जा रहा है कि अगला प्रदेश अध्यक्ष पिछड़े वर्ग (OBC) से होगा।</p>
<p><span style="color: #800000;"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-332860" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/12/up-bjp-e1765560319148.jpg" alt="" width="600" height="342" /></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>पंकज चौधरी का नाम: चर्चा और संदेह</strong></span></p>
<p>गुरुवार को अचानक केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम बहुत तेजी से उभरा। वे पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं और मिश्रित सामाजिक समीकरण वाले क्षेत्र से आते हैं।</p>
<p>मंशा साफ दिखाई देती है—पूर्वांचल के ओबीसी समाज और विशेष रूप से कुर्मी मतदाताओं को जोड़कर रखना। बीते लोकसभा चुनावो में यह वर्ग भाजपा से दूर जाता दिखाई दिया था ।</p>
<p>लेकिन सियासी गलियारों में उनके नाम पर मतभेद भी हैं। एक तो उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएँ हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष जैसे कठिन और दौरा-प्रधान पद की जिम्मेदारी संभाल पाएंगे या नहीं।</p>
<p><span style="color: #ff6600;"><em><strong>दूसरे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके समीकरण को लेकर भी अंदरखाने कुछ असहजता बताई जा रही है। पंकज चौधरी लंबे समय से सांसद रहे और वर्तमान समय में  केंद्र में वित्त राज्य मंत्री भी हैं, लेकिन प्रदेश संगठन में उनकी भूमिका सीमित रही है। और उनका संगठन का कोई अनुभव भी नहीं है,  यही वजह है कि संगठन के कुछ धड़े उनके नाम पर सहज नहीं हैं।</strong></em></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>बीएल वर्मा का समीकरण</strong></span></p>
<p>दूसरा चर्चित नाम बी.एल. वर्मा का है। वे उत्तर प्रदेश से ही राज्यसभा सांसद हैं और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वर्मा लंबे समय तक संगठन में रहे हैं और ओबीसी वर्ग विशेष-लोध समुदाय-का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यदि भाजपा उन्हें प्रदेश की कमान देती है, तो यह संदेश जाएगा कि पार्टी अभी भी ओबीसी नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है।</p>
<p>हालाँकि, उनके नाम पर एक और पेचीदगी है-कल्याण सिंह परिवार की नाराजगी की संभावना। बीएल वर्मा कभी कल्याण सिंह के काफी करीबी रहे हैं, लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में दूरी आ गई थी।</p>
<p>अब कल्याण सिंह का परिवार फिर से भाजपा में पूरी सक्रियता से जुड़ा है। ऐसे में बीएल वर्मा की ताजपोशी से कल्याण परिवार असंतुष्ट हो सकता है। पार्टी नेतृत्व शायद इस जोखिम को टालना चाहेगा। ऐसे में दूसरे लोध नेता धर्मपाल की संभावनाएं बढ़ सकती है । वे संघ की प्रिश्भूमि से आते हैं और संगठन में भी उनका बड़ा अनुभव है ।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>बदलता समीकरण और संगठन का दबाव</strong></span></p>
<p>उत्तर प्रदेश भाजपा के सामने इस समय दोहरी चुनौती है—एक तरफ अखिलेश यादव का “PDA” (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण है, जिसने सपा को सामाजिक-राजनीतिक धार दी है; दूसरी ओर भाजपा को अपने “बिखरे हुए” वोटबैंक को फिर से समेटना है।</p>
<p>खासकर ओबीसी समुदाय में भाजपा की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन के ज़रिए पार्टी संगठनात्मक और सामाजिक दोनों संतुलन को साधना चाहती है।</p>
<p>पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार अध्यक्ष वही होगा जो न केवल संगठन में अनुभव रखता हो बल्कि सामाजिक रूप से भी बड़ा चेहरा हो। साथ ही यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि नए अध्यक्ष के चयन से किसी वर्ग या प्रभावशाली परिवार में असंतोष न पनपे।</p>
<p><strong>संतुलन खोजती भाजपा: अमित शाह की भूमिका</strong></p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष का चयन इस बार केवल संगठन का मामला नहीं है—यह एक रणनीतिक निर्णय होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की केंद्रीय टीम मिलकर तय करेगी।</p>
<p>अमित शाह संगठनात्मक संतुलन और जमीनी समीकरणों को तौलने में माहिर माने जाते हैं। इसलिए यह लगभग तय है कि अंतिम निर्णय उन्हीं की मर्ज़ी से होगा।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>सूत्र बताते हैं कि पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है जो योगी आदित्यनाथ और केंद्र दोनों के बीच एक सेतु बन सके। प्रदेश में मुख्यमंत्री का बढ़ता प्रभाव संगठन के कई पुराने कार्यकर्ताओं को असहज करता है। ऐसे में पार्टी चाहती है कि नया अध्यक्ष “सहयोगी लेकिन स्वतंत्र” भूमिका निभाए—जो मिशन 2027 की तैयारियों को मजबूती दे सके।</strong></span></p></blockquote>
<p><span style="color: #800000;"><strong>संभावित नामों की चर्चा</strong></span></p>
<p>भाजपा सूत्रों में जिन नामों पर फिलहाल चर्चा चल रही है, उनमें पंकज चौधरी और बीएल वर्मा के अलावा केशव प्रसाद मौर्य (यदि केंद्र में पदोन्नति होती है और वे प्रदेश में बने रहते हैं), भूपेंद्र चौधरी (वर्तमान अध्यक्ष जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है), स्वतंत्र देव सिंह,  और साध्वी निरंजा ज्योति के नामो की भी समय समय पर खूब चर्चा हुयी ।</p>
<p>स्वतंत्र देव सिंह एक अनुभवी और सशक्त संगठनकर्ता हैं, लेकिन वे पहले ही यह पद संभाल चुके हैं, इसलिए संभावना कम है कि पार्टी पुराने चेहरों की ओर लौटे।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>सामाजिक संदेश: </strong><strong>“PDA” </strong><strong>का जवाब</strong></span></p>
<p>अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा देकर भाजपा के “सबका साथ-सबका विकास” एजेंडे को सामाजिक रूप से चुनौती दी है। इस नारे के ज़रिए सपा ने सीधे तौर पर भाजपा के ओबीसी और दलित वोटबैंक पर प्रहार किया।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>भाजपा अब कोशिश कर रही है कि संगठनात्मक पुनर्संरचना के माध्यम से अपने पारंपरिक ओबीसी मतदाताओं को यह संदेश दे कि पार्टी उनके हितों और नेतृत्व को प्राथमिकता देती है। यही वजह है कि अध्यक्ष का पद किसी प्रतिनिधिक मुखौटे की बजाय वास्तविक संगठन क्षमता वाले ओबीसी नेता को दिया जा सकता है।</strong></span></p></blockquote>
<p><span style="color: #800000;"><strong>योगी फैक्टर: शक्ति और संतुलन</strong></span></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रभाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्विवाद है। वे भाजपा के “हिंदुत्व प्लस शासन” मॉडल का चेहरा हैं। किंतु इससे संगठनात्मक संतुलन भी प्रभावित होता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश भाजपा अब दो स्तरों पर संचालित होती है—एक प्रशासनिक (योगी सरकार) और दूसरा सांगठनिक (भाजपा संगठन)।</p>
<p>इस स्थिति में नया प्रदेशाध्यक्ष ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो योगी के साथ तालमेल रखते हुए भी संगठन के पुराने ढाँचे को सशक्त बनाए। यदि यह सामंजस्य नहीं बना, तो 2027 के चुनावी मिशन पर असर पड़ सकता है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>मिशन </strong><strong>2027 </strong><strong>की तैयारी</strong></span></p>
<p>भाजपा का लक्ष्य स्पष्ट है-अगला प्रदेशाध्यक्ष वह चेहरा होगा जो सामाजिक तौर पर प्रतिनिधित्व के साथ-साथ संगठनात्मक रूप से भी सक्रियता दिखा सके। पार्टी को यह भी समझ है कि अब केवल हिंदुत्व या मोदी-फैक्टर से जीतना आसान नहीं होगा; सामाजिक समीकरणों की बारीक समझ और स्थानीय नेतृत्व की पकड़ उतनी ही ज़रूरी है।</p>
<p>अगर किसी संयमित, कार्यकर्ता-आधारित और सामाजिक रूप से प्रभावी नेता को चुना जाता है, तो अमित शाह की निगरानी में भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी खोई जमीन फिर हासिल कर सकती है। लेकिन यदि चयन केवल प्रतीकात्मक हुआ, तो “PDA” का दबाव और योगी बनाम संगठन की खींचतान दोनों चुनौतियाँ और गहरी होंगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तर प्रदेश की महिला टीम की धमाकेदार शुरुआत, पश्चिम बंगाल को 32-21 से हराया</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/uttar-pradesh-womens-team-makes-a-strong-start-beats-west-bengal-32-21/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Dec 2025 17:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[37वीं फेडरेशन कप हैंडबॉल (पुरुष व महिला) चैंपियनशिप बीबीडी यूनिवर्सिटी की चांसलर श्रीमती अलका दास ने किया उद्घाटन लखनऊ। मेजबान उत्तर प्रदेश ने 37वीं फेडरेशन कप हैंडबॉल (पुरुष व महिला) चैंपियनशिप के महिला वर्ग में रोमांचक जीत से आगाज किया। अन्य मैचों में पुरुषों में राजस्थान, सीआईएसएफ जबकि महिलाओं में हिमाचल प्रदेश ने जीत दर्ज &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff6600;">37वीं फेडरेशन कप हैंडबॉल (पुरुष व महिला) चैंपियनशिप</span></li>
<li><span style="color: #ff6600;">बीबीडी यूनिवर्सिटी की चांसलर श्रीमती अलका दास ने किया उद्घाटन</span></li>
</ul>
<p><span style="color: #800000;"><strong>लखनऊ।</strong></span> मेजबान उत्तर प्रदेश ने 37वीं फेडरेशन कप हैंडबॉल (पुरुष व महिला) चैंपियनशिप के महिला वर्ग में रोमांचक जीत से आगाज किया। अन्य मैचों में पुरुषों में राजस्थान, सीआईएसएफ जबकि महिलाओं में हिमाचल प्रदेश ने जीत दर्ज की।</p>
<p>हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन द्वारा केडी सिंह बाबू स्टेडियम स्थित भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी बहुउद्देश्यीय हाल में आयोजित चैंपियनशिप का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर किया जा रहा है।</p>
<p><span style="color: #ff6600;"><em><strong>महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश ने पश्चिम बंगाल के खिलाफ 32-21 से जीत दर्ज की। मेजबान शुरू में प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच में पिछड़ गया था लेकिन फिर यूपी ने चुस्त सर्विस व बेहतरीन रणनीति की बदौलत वापसी की और मध्यांतर तक 16-12 की बढ़त बना ली। यूपी की ओर से खुशबू ने सर्वाधिक 12 गोल दागकर जीत में अहम योगदान किया। उनका साथ देते हुए राजपति ने 6, नैना व रेशमा ने 4-4, प्रीति ने 3 व सुमन ने 2 गोल किए। पश्चिम बंगाल से बी.राभा व अनीशा ने 6- 6 जबकि श्वेता व मनीषा ने 3-3 गोल किए।</strong></em></span></p>
<p>इससे पहले चैंपियनशिप का उद्घाटन उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती अलका दास (चांसलर बीबीडी यूनिवर्सिटी व अध्यक्ष उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन) ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करके व यूपी बनाम पश्चिम बंगाल की महिला टीम के बीच मैच का टॉस कराके किया।</p>
<p>मुख्य अतिथि श्रीमती अलका दास ने अपने संबोधन में कहा कि फेडरेशन कप देश की शीर्ष टीमों का संगम है। यह राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचान देने वाला महत्वपूर्ण मंच भी है। हमें खुशी है कि उत्तर प्रदेश इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर चमकने का अवसर दे रहा है। उम्मीद है खिलाड़ी खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे तथा प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएंगे।</p>
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<p>इससे पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक डा.आनन्देश्वर पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कोषाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के कार्यकारी महासचिव अमित पाण्डेय, सचिन चौधरी, प्रवीण सिंह, प्रांजल तिवारी, मो. तौहीद व अन्य मौजूद रहे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-332486" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/12/WhatsApp-Image-2025-12-06-at-18.41.51.jpeg" alt="" width="1206" height="852" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/12/WhatsApp-Image-2025-12-06-at-18.41.51.jpeg 1206w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/12/WhatsApp-Image-2025-12-06-at-18.41.51-300x212.jpeg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/12/WhatsApp-Image-2025-12-06-at-18.41.51-1024x723.jpeg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/12/WhatsApp-Image-2025-12-06-at-18.41.51-768x543.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1206px) 100vw, 1206px" /></p>
<p>पुरुष वर्ग में राजस्थान ने पंजाब के खिलाफ 35-25 से रोमांचक जीत दर्ज की। मध्यांतर तक राजस्थान 15-11 से आगे था। राजस्थान से रोहिताष ने सबसे ज्यादा 12 गोल किए। पंजाब से जगनीत सिंह ने 10 गोल करने में सफलता हासिल की। पुरुषों में अर्धसैनिक बलों की दो मजबूत टीमों बीएसएफ व सीआईएसएफ के बीच हुई टक्कर में सीआईएसएफ ने भारी पड़ते हुए मात्र एक गोल (29-28) के अंतर से जीत दर्ज की।</p>
<p>महिला वर्ग में भी बीएसएफ को हार का सामना करना पड़ा। यह मैच हिमाचल प्रदेश ने 29-11 से जीता। हिमाचल से भावना ने 5, प्रियंका व गुलशन ने 4-4 जबकि शालिनी, जागृति, शिवानी व कनिष्का ने 3-3 गोल किए। बीएसएफ की ओर से मंजिल शीर्ष स्कोरर रही जिन्होंने 3 गोल दागे।</p>
<p>चैंपियनशिप के प्रायोजकों में बीबीडी ग्रुप, टाटा ग्रीन बैट्रीज, श्यामा हैंडबॉल अकादमी व सह प्रायोजकों में राजेश मसाले, भारतीय युवा परिषद व स्वतंत्र गर्ल्स डिग्री कॉलेज आलमबाग लखनऊ है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>उत्तर प्रदेश के सुमित बने अंतर्राष्ट्रीय जिम्नास्टिक जज</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/sumit-from-uttar-pradesh-becomes-international-gymnastics-judge/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 11:40:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्पोर्ट्स]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश के झांसी के युवा कोच सुमित मकरानिया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने इंटरनेशनल जिम्नास्टिक फेडरेशन द्वारा आयोजित पुरुष आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक XVI साइकिल की अंतरराष्ट्रीय जज परीक्षा में सफलता हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय जज बनने का गौरव अर्जित किया। सुमित ने झांसी में शुरुआती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800000;"><strong>लखनऊ।</strong> </span>उत्तर प्रदेश के झांसी के युवा कोच सुमित मकरानिया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत का मान बढ़ाया है।</p>
<p>उन्होंने इंटरनेशनल जिम्नास्टिक फेडरेशन द्वारा आयोजित पुरुष आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक XVI साइकिल की अंतरराष्ट्रीय जज परीक्षा में सफलता हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय जज बनने का गौरव अर्जित किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-331967" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-27-at-19.51.00-e1764254690163.jpeg" alt="" width="600" height="800" /></p>
<p>सुमित ने झांसी में शुरुआती प्रशिक्षण के बाद वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर से औपचारिक शिक्षा प्राप्त की। वे एकलव्य स्टेडियम, आगरा के हॉस्टल में रहे, जहाँ उन्होंने जिम्नास्टिक्स की उच्च स्तरीय ट्रेनिंग जारी रखी।</p>
<p>उन्होंने एनआईएस में जिम्नास्टिक में डिप्लोमा भी हासिल किया है और उनके तैयार किए कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं, जो उनके कोचिंग कौशल और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण हैं।</p>
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