UP में डिजिटल क्रांति की शुरुआत, CM योगी ने लॉन्च किया ‘प्रोजेक्ट गंगा’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने और डिजिटल सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करना और तकनीक आधारित सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
प्रोजेक्ट गंगा के तहत प्रदेश में डिजिटल सेवा प्रदाताओं (DSP) का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से करीब 20 लाख परिवारों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता तैयार किए जाएंगे, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। परियोजना के पहले चरण में 21 जिलों में इसका संचालन शुरू किया जाएगा।
गांवों की डिजिटल समृद्धि का बनेगा आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस प्रकार गंगोत्री से गंगासागर तक मां गंगा का प्रवाह अपने मार्ग में आने वाले क्षेत्रों के विकास और समृद्धि का आधार रहा है, उसी प्रकार ‘प्रोजेक्ट गंगा’ भी उत्तर प्रदेश की डिजिटल समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में ई-ऑफिस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), बीसी सखी और ग्राम सचिवालय जैसी तकनीक आधारित पहलों ने शासन और जनता के बीच की दूरी को कम किया है। प्रोजेक्ट गंगा इसी दिशा में एक नया और महत्वपूर्ण कदम है।
57 हजार ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल 21 जिलों में शुरू हो रही इस परियोजना को आगे चलकर प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 8 हजार न्याय पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। इससे लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी का सपना साकार होगा और गांव स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना भी है।
युवाओं को मिलेगा ब्याज मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार की ‘सीएम युवा योजना’ के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट गंगा के अंतर्गत चयनित युवा इस योजना का लाभ उठाकर डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में अपना उद्यम शुरू कर सकेंगे।
उन्होंने परियोजना से जुड़े युवाओं के चयन और प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उन्हें तकनीकी, प्रबंधकीय और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का प्रभावी नेटवर्क विकसित कर सकें।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता का नया मॉडल भी है।
परियोजना के तहत डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन स्किल ट्रेनिंग, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आईटी आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। चयनित युवाओं को तकनीकी सहायता, नेटवर्क निर्माण और व्यवसाय संचालन में भी सहयोग दिया जाएगा।
हिंदुजा समूह करेगा सहयोग
हिंदुजा समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट कॉरपोरेट अफेयर्स सुनील कुमार चड्ढा ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ऐसा मॉडल अपनाने वाला देश का पहला राज्य है और हिंदुजा समूह इस परियोजना में ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के सिद्धांत पर सहयोग कर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा और लाभार्थियों में करीब 50 प्रतिशत महिलाएं शामिल होंगी।
डिजिटल यूपी के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी प्रोजेक्ट गंगा को उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि यह पहल गांवों में तकनीक आधारित विकास को नई गति देगी और युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों तथा उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।



