यूपीडा बदलाव पर अखिलेश यादव का तंज, नंदी को लेकर बोले- ‘हाफ से साफ की ओर’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री Nand Gopal Gupta Nandi को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा झटका लगा है। राज्य में एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक कॉरिडोर की देखरेख करने वाली संस्था Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority (यूपीडा) का पूरा कामकाज अब उनसे वापस ले लिया गया है।
यूपीडा का काम अब मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन
सरकारी आदेश के अनुसार, यूपीडा से जुड़े सभी कार्य अब अवस्थापना विकास अनुभाग को सौंप दिए गए हैं, जो सीधे मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के अधीन आता है। इस बदलाव के बाद अब राज्य की प्रमुख एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर से होगी।
सचिवालय के आदेश में क्या कहा गया?
27 मई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि पहले यूपीडा और अवस्थापना विकास अनुभाग के बीच कार्यों के बंटवारे में कुछ विरोधाभास था। इसे दूर करने और कामकाज में तेजी लाने के लिए यह फैसला लिया गया है कि सभी संबंधित परियोजनाएं एक ही विभाग के अंतर्गत लाई जाएं।
इसमें गंगा एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की निगरानी अब एक जगह
सरकार का कहना है कि पहले अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की कमी से परियोजनाओं में देरी की स्थिति बन रही थी। अब अवस्थापना विकास अनुभाग के तहत सभी कार्यों को एकीकृत कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
यूपीडा जमीन अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और निजी निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालता रहा है।
राजनीतिक हलचल और अखिलेश यादव का तंज
इस फैसले के बाद सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह कदम राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक असंतोष को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे हैं और कई सीटों पर प्रत्याशियों को बदले जाने की चर्चा भी चल रही है।
क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अब एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक परियोजनाओं की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के पास आने से निर्णय प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि, इससे मंत्रियों की भूमिका और विभागीय संतुलन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।



