SIPRI रिपोर्ट 2026: भारत के परमाणु हथियारों में बढ़ोतरी, कुल जखीरा पहुंचा 190 वॉरहेड तक

नई दिल्ली: भारत की परमाणु क्षमता में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास अब अनुमानित 190 परमाणु हथियार (nuclear warheads) हैं, जो पाकिस्तान के अनुमानित जखीरे से अधिक बताए गए हैं।
लगातार आधुनिकीकरण कर रहा है भारत
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपनी परमाणु क्षमता और डिलीवरी सिस्टम्स का लगातार आधुनिकीकरण कर रहा है। खासतौर पर लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों पर जोर दिया जा रहा है, जिससे चीन जैसे दूरस्थ लक्ष्यों तक पहुंच संभव हो सके।
साथ ही, रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
दुनिया में कुल 12,000 से ज्यादा परमाणु हथियार
SIPRI के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक दुनिया के नौ परमाणु संपन्न देशों—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इज़रायल—के पास कुल लगभग 12,187 परमाणु हथियार मौजूद हैं।
इनमें से करीब 4,000 से अधिक हथियार ऑपरेशनल स्थिति में तैनात बताए गए हैं।
समुद्र आधारित परमाणु क्षमता पर जोर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोध (Sea-based Nuclear Deterrence) को मजबूत कर रहा है। पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें किसी भी जवाबी हमले के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
एशिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत भी अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। इससे क्षेत्र में रणनीतिक तनाव और रक्षा आधुनिकीकरण की रफ्तार तेज हो रही है।
रक्षा बजट में भी बढ़ोतरी
SIPRI के मुताबिक, 2025 में भारत का रक्षा बजट बढ़कर 92.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 8.9% अधिक है। भारत अब दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रक्षा खर्च करने वाला देश बना हुआ है।
साइबर युद्ध का नया आयाम
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के दौरान साइबर ऑपरेशन भी संघर्ष का अहम हिस्सा बने, जो भविष्य के युद्धों की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।



