योगी सरकार के एनकाउंटर मॉडल पर फिर उठे सवाल , गाजीपुर घटना पर विपक्ष का हमला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश के पुलिस एनकाउंटर के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विपक्षी दल जहां इस कार्रवाई को जाति और धर्म के नजरिए से देख रहे हैं, वहीं योगी सरकार इसे अपराध और माफियाओं के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बता रही है।
गाजीपुर एनकाउंटर को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं, मृतक विनीत राय के परिजनों ने भी आरोपी के एनकाउंटर पर आपत्ति जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस बीच उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के दौरान हुए एनकाउंटरों और अपराध नियंत्रण से जुड़े आंकड़े भी चर्चा में आ गए हैं।
योगी सरकार में हुए चर्चित एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई हाई-प्रोफाइल अपराधियों का पुलिस मुठभेड़ में अंत हुआ। प्रमुख मामलों में शामिल हैं:
- 10 जुलाई 2020: कानपुर में गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर
- 25 जुलाई 2020: बाराबंकी में टिंकू कपाला मुठभेड़ में ढेर
- 18 अक्टूबर 2021: लखनऊ में हमजा का एनकाउंटर
- 13 अप्रैल 2023: झांसी में अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का एनकाउंटर
- 4 मई 2023: मेरठ में कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना का एनकाउंटर
NCRB डेटा: यूपी में अपराध का ग्राफ
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में कई प्रमुख अपराधों में कमी दर्ज की गई है।
| अपराध | 2017 | 2024 |
|---|---|---|
| हत्या | 4,324 | 3,215 |
| अपहरण | 19,921 | 11,773 |
| फिरौती | 46 | 26 |
| बलात्कार | 4,246 | 3,209 |
| चोरी | 60,434 | 43,598 |
| डकैती | 263 | 57 |
सबसे ज्यादा एनकाउंटर वाले जोन
मार्च 2017 से मई 2026 तक पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों के अनुसार मेरठ, आगरा और वाराणसी जोन सबसे आगे रहे हैं।
| जोन | एनकाउंटर | मौत | घायल | गिरफ्तार |
| मेरठ | 4,813 | 97 | 3,513 | 8,921 |
| आगरा | 2,494 | 24 | 968 | 5,845 |
| वाराणसी | 1,292 | 29 | 907 | 2,426 |
एनकाउंटर पर जातीय और धार्मिक बहस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 31 मार्च 2017 से 5 सितंबर 2024 के बीच उत्तर प्रदेश में कुल 207 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। इनमें 67 मुस्लिम, 20 ब्राह्मण, 18 ठाकुर, 16 यादव, 17 गुर्जर-जाट, 14 अनुसूचित जाति, 3 अनुसूचित जनजाति, 2 सिख, 8 अन्य ओबीसी और 42 अन्य वर्गों से जुड़े अपराधी शामिल बताए गए हैं।
इन्हीं आंकड़ों को आधार बनाकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि कार्रवाई केवल अपराधियों के खिलाफ की जाती है और उसमें किसी जाति या धर्म का भेदभाव नहीं होता।
सीएम योगी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संदेश देते रहे हैं। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बुलडोजर कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट, माफिया विरोधी अभियान और सख्त पुलिसिंग को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार के समर्थकों का दावा है कि इन कदमों से प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण हुआ है, जबकि विपक्ष एनकाउंटर नीति की निष्पक्षता और वैधानिकता पर सवाल उठा रहा है।
गाजीपुर एनकाउंटर से फिर शुरू हुई बहस
गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश के एनकाउंटर ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर नीति को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।



